कैल्शियम की भरपूर मात्रा न मिलने से हड्डियां कमजोर हो रही हैं। इससे
लोहिया अस्पताल में आने वाले हड्डी टूटने के आने वाले मामले बढ़े हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसकी चपेट में आने वाले
50 वर्ष की आयु पार के लोग हैं। ये हल्के से भी गिरते हैं तो हाथ या पैर
टूट जाते हैं। लोहिया अस्पताल में माह में 30 से 35 मरीज हड्डी
टूटने
के पहुंच रहे हैं। इनमें 10 से 13 पचास साल की उम्र पार करने वाले होते
हैं। बढ़ी महंगाई से कैल्शियम की खुराक लोगों को नहीं मिल पा रही है।
चिकित्सकों की मानें तो कैल्शियम सबसे ज्यादा दूध, अंडा व मछली से मिलता
है। यह महंगे हैं। दूध 40 से 45 रुपये लीटर है। मध्यम वर्ग को भी यह मयस्सर
नहीं हो रहा है। मांसाहारी खाद्य भी महंगे हैं। यह भी हर
वर्ग की पहुंच से
दूर हैं। कैल्शियम की भरपूर मात्रा न मिलने से हड्डी कमजोर हो रही हैं। पांच
साल में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी खोखली होने) के मरीजों की उम्र में गिरावट
आई है। पहले इस बीमारी की चपेट में 55 से 60 साल के लोग आते थे। अब 50 साल
की उम्र में इसके रोगी मिल जाते हेैं।
क्या कहते डाक्टर
लोहिया
अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. वीके दुबे का कहना है कि अब हड्डी में
जरा सी चोट लगने पर फ्रैक्चर हो जाता है। इसकी वजह शरीर में कैल्शियम की
कमी होना है। ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों की तादाद भी इसी वजह से बढ़ी है।
कहा कि
बुजुर्ग लोगों को फर्श पर देखभाल कर चलना चाहिए। युवा बाइक अपने
कंट्रोल में चलाएं। छोटे बच्चों का परिवार के लोग ध्यान रखें। 35 साल के
बाद लोगों में कैल्शियम की कमी शुरू हो जाती है। इसके लिए वह लोग अंडा,
दूध, मछली, केला का सेवन करें। साथ ही नियमित एक्सरसाइज भी करें।