स्कूलों में इंसीनरेटर का पता नहीं, हो गया भुगतान
फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के तहत इंसीनरेटर बनवाए जाने हैं। अधिकारियों ने विकास की गंगा इस तरह बहाई कि स्कूलों में इंसीनरेटर का पता नहीं और फर्म को भुगतान भी किया जा रहा है। कुछ ऐसे भी स्कूल हैं जहां बिजली है न इंसीनरेटर बने और पूरा भुगतान भी कर दिया गया। पता चला है कि कमीशन के खेल में करीब 47 लाख रुपये से थोक में खरीद की गई है।
जनपद में 565 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इसमें 555 ग्रामीण क्षेत्र में हैं। ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में ग्राम पंचायत से आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत सुंदरीकरण चल रहा है। इनमें नैपकिन नष्ट करने के लिए इंसीनरेटर भी बनवाने के निर्देश हैं। यहीं अधिकारी सक्रिय हो गए और ग्राम पंचायतों का काम हथिया लिया। फर्म से सेटिंग कर थोक के भाव रेडीमेड इंसीनरेटर की ब्लाकों में आपूर्ति करा दी। ये खरीद करीब 47 लाख रुपये की बताई जा रही है।
पहले तो अधूरे कायाकल्प के बीच इंसीनरेटर लगवाने का दबाव बनाया गया। जब नहीं लग पाए तो अब भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारी मौखिक आदेश दे रहे जबकि फर्म खुद ही सचिवों को भुगतान के लिए संदेश भेज रही है। कई स्कूलों में तो इंसीनरेटर लगे ही नहीं और 8600 रुपये प्रति विद्यालय के हिसाब से भुगतान कर दिया गया। कई स्कूलों में तो बिजली ही नहीं है, तो इंसीनरेटर किस काम के। बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद के एक ही मालिक की तीन फर्मों से खरीद की गई है। फर्म संचालक ने फोन पर बताया कि जब वह इंसीनरेटर की आपूर्ति कर चुके हैं तो भुगतान में भी देरी नहीं होनी चाहिए।
इन गांवों में इंसीनरेटर का हुआ समान भुगतान
शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव पसियापुर की प्रधान गुंजन देवी के पति बलराम ने बताया कि स्कूल में इंसीनरेटर नहीं लगा है। बीडीओ के कहने पर भुगतान किया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायत असगरपुर, बछलैया, रसीदपुर तराई, मिल्क सुल्तान में एक ही फर्म के नाम 8600 रुपये की दर से भुगतान किया गया है। परियोजना निदेशक प्रभारी बीडीओ राजमणि वर्मा का कहना है कि उन्होंने ब्लाक पर 56 इंसीनरेटर मंगवाए थे। इंसीनरेटर तो लग ही जाएंगे, फर्म को तो भुगतान करना है।
कमालगंज ब्लाक के निनौरा श्रंखलापुर व गदनपुर तुर्रा में बिना इंसीनरेटर लगे बिल भेज दिए गए। गांव खुदागंज में भी उसी फर्म को 8600 रुपये का भुगतान हो चुका है। एडीओ सुरेश पाल का कहना है कि भुगतान कराने का दबाव है। ब्लाक से सचिवों को इंसीनरेटर सौंपे जा चुके हैं। राजेपुर के गांव बर्राखेड़ा में भी बिना लगे ही भुगतान कर दिया गया। कायमगंज के गांव लखनपुर, अल्लाहपुर, भरथरी में फर्म को समान भुगतान किया गया है।
मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत देवसनी के प्रधान शिवशंकर राजपूत का कहना है कि स्कूल में बिजली नहीं है। इंसीनरेटर भी नहीं लगाया गया। बीडीओ के कहने पर भुगतान किया गया है। इसके अलावा थर्मल स्कैनर व पल्स आक्सीमीटर की भी खरीद इसी तरह से कराए जाने का पता चला है।
सेंट्रलाइज खरीद की होगी उच्च स्तरीय जांच
जिला पंचायत राज अधिकारी अमित कुमार त्यागी ने बताया कि स्कूलों में इंसीनरेटर बनवाने के आदेश दिए गए थे। एक ही फर्म की आपूर्ति व समान भुगतान सेंट्रलाइज खरीद का इशारा करता है। उनके विभाग में किसी फर्म की आपूर्ति का न तो अनुबंध है और न ही आदेश हैं। इस मामले की वह उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी डा.राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि थर्मल स्कैनर, पल्स आक्सीमीटर व इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।