मूक बधिर एवं नेत्रहीन बच्चों के आवासीय कैंपों में बच्चों के लिए खरीदी
जाने वाले सामग्री में गोलमाल प्रकरण की जांच को विभागीय अफसरों ने
निपटाने की कवायद शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारी शिकायत को फर्जी मान कर
मामले को दबाने की जुगत में लगे है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत फतेहगढ़
स्थित नरेंद्र सरीन मांटेसरी स्कूल में मूक बधिर एवं नेत्रहीन बच्चों के
दो आवासीय कैंप चल रहे है। इनमें 120 बच्चे पंजीकृत है। इनको सर्व शिक्षा
अभियान के तहत सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने का आदेश है। विकलांग
बच्चों के कैंप के लिए बैट्री, इनवर्टर, रजाई, गद्दा व अन्य सामग्री खरीद
में फर्जीवाड़ा हुआ है। इसकी शिकायत पर राज्य परियोजना निदेशक ने मंडलीय
सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक सतीश
कुमार को जांच कराने का आदेश दिया था। एडी
बेसिक कानपुर ने बीएसए से एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी। इसके बाद
विभागीय अधिकारियों ने मामले को रफा दफा करने की कवायद शुरू कर दी। विभागीय
अधिकारी जांच करने की बजाए, शिकायत फर्जी मान कर मामले को निपटाने में लगे
है। हकीकत क्या है, इसकी जानकारी किए जाने के लिए
अभी तक जांच तक शुरू
नहीं हुई है। जिला समन्वयक राजेश वर्मा की मानें तो शिकायत कर्ता फर्जी है।
इन्होंने शिकायत कर्ता से लगाए गए आरोपों के संबंध में रजिस्ट्री के
माध्यम से साक्ष्य मांगे थे। जिस पते पर रजिस्ट्री भेजी गई, वहां शिकायत
कर्ता नहीं रहता है। शिकायत कर्ता के संबंध में जानकारी की लेकिन उसका पता
नहीं चला। उधर,
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि जांच की
जा रही है। शिकायत कर्ता के पते पर पत्र भेजा गया था। वह पत्र वापस आ गया
है। फिर भी सभी बिंदुओं पर जांच कर आख्या तैयार की जा रही है। आख्या एडी
बेसिक को भेजी जाएगी।
डीसी पर फर्जी बिल का भुगतान कराने का आरोप
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक राजेश वर्मा के खिलाफ फर्जी बिलों से
भुगतान प्राप्त किए जाने की शिकायत राज्य परियोजना निदेशक से की र्गई है।
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर एडी बेसिक कानुपर ने बीएसए को जांच कराने
का आदेश दिया है।
राज्य परियोजना निदेशक को भेजी गई शिकायत में कहा
गया कि राजेश वर्मा समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक है। इन्होंने गाड़ी
संख्या यूपी 30 जे 1349 पर सर्वे शिक्षा अभियान के खाते से वर्ष 2010 से
2013 के मध्य कई बार फर्जी बिल तैयार कर विभाग से भुगतान प्राप्त किया। इसी
तरह अन्य कई मामलों में फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायत पर राज्य परियोजना
निदेशक के आदेश पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक सतीश कुमार ने जिला बेसिक
शिक्षा अधिकारी
को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में देने का आदेश
दिया है। जिला समन्वयक राजेश वर्मा ने बताया कि शिकायत कर्ता के यहां
अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए रजिस्ट्री भेजी थी, लेकिन रजिस्ट्री वापस लौट
आई है। यह फर्जी शिकायत है।