फर्रुखाबाद। आदेश के बाद भी बसपा नेता के होटल पर प्रशासक नियुक्त न करने पर हाईकोर्ट ने डीएम को 11 अक्तूबर को तलब किया है।
गैंगस्टर के मामले में बसपा नेता के होटल को सील कर दिया गया था। डीएम का कहना है कि होटल पर प्रशासक पहले ही नियुक्त कर दिया गया थ।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे गैंगस्टर के मामले में मैनपुरी जिला जेल में बंद है।
बसपा नेता व उनके भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन सहित चार लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था।
मुकदमे की विवेचना मऊदरवाजा एसओ आमोद सिंह कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने गैंगस्टर के मुकदमे में बसपा नेता व उनके परिजनों की संपत्ति कुर्क करने के आदेेश दिए थे।
प्रशासन व पुलिस ने बसपा नेता का ठंडी संड़क स्थित होटल गुरुशरणम, मोहम्मदाबाद का निर्माणाधीन गेस्ट हाउस, ठंडी सड़क स्थित ब्रिक प्लांट सहित कारें कुर्क कर ली थीं।
बसपा नेता के वकील शैलेंद्र त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में होटल सील करने के संबंध में प्रशासन को चुनौती दी थी। इसमेें कहा कि होटल पर लोन है।
ऐसे में होटल को सील करने के बजाय प्रशासक नियुक्त कियाजा ना चाहिए, ताकि नियमित आय को रोका न सके।
डीएम की ओर से एक अगस्त को हाईकोर्ट में हलफनामा दिया गया था। हलफनामे में होटल को सील रखने के मामले में न्यायिक व प्रशासनिक आधार का उल्लेख नहीं किया गया।
वकील शैलेंद्र त्रिपाठी की दलील पर हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को 11 अक्तूबर को तलब कर जवाब देने को कहा है।
डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि होटल में तहसीलदार सदर को पहले ही प्रशासक नियुक्त किया जा चुका है। वह हाईकोर्ट में तय तिथि पर उपस्थित होकर जवाब देंगे।