जलभराव से निजात न मिलने पर आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने मंगलवार को
कादरीगेट चौराहा पर फिर जाम लगा दिया। प्रदर्शन करने वालाें में बुजुर्ग
महिलाएं भी शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका चेयरमैन के खिलाफ
नारेबाजी की। इनका पुतला भी फूंका गया। सूचना के तीन घंटे बाद एसडीएम सदर
मौके पर पहुंचे। इनके आश्वासन के बाद जाम खुल सका।
मोहल्ला शांतीनगर में
जलभराव है। घरों के बाहर पानी भरा है। पानी का निकास न होने से लोग नारकीय
जीवन जी रहे हैं। इसको लेकर मोहल्ले वालों ने 19 जनवरी को कादरी गेट पर
जाम लगाया था। चौकी पुलिस ने समस्या समाधान का भरोसा देकर जाम खुलवा दिया
था। समस्या न निपटने पर बुधवार को मोहल्ले की दुर्गा देवी, राजरानी, शीतला
देवी, सुमन देवी, मीरा देवी, राजकुमारी कुशवाहा,
मीरा राठौर, शशी भदौरिया,
राहुल राठौर, रामनरायन, राधेश्याम, अजय कुमार, दिनेशचंद्र, मनोज कुमार,
विकास त्रिपाठी समेत करीब सौ मोहल्ले वाले फिर से कादरीगेट चौराहे पहुंचे।
यह डिवाइडर को सड़क के बीच में डाल कर रोड पर बैठ गए और नगरपालिका चेयरमैन
वत्सला अग्रवाल के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जाम की सूचना पर चौकी के
सिपाही मौके पर पहुंच गए।
सिपाहियों ने जाम लगाए महिलाओं को हटाने का
प्रयास किया तो इनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई। महिलाओं का कहना था कि पिछली
बार भरोसे पर जाम खोल दिया था। इस बार नहीं सुनेंगे। इसके बाद जाम की
जानकारी आलाधिकारियों को दी गई। करीब तीन घंटे बाद एसडीएम सदर सुनील वर्मा,
मऊदरवाजा एसओ सुनील यादव मौके पर पहुंचे। मोहल्ले वालों के साथ एसडीएम ने
मौके पर जाकर हालात देखेे।
एसडीएम ने आश्वासन दिया कि समस्या का दो दिन
के अंदर हल करा दिया जाएगा। इसके बाद मोहल्ले वालों ने जाम खोल दिया।
जाम में फंसे स्कूली बच्चे
शांतीनगर मोहल्ले वालों के लगाए जाम में छुट्टी होने पर स्कूली बच्चों को
घर लेकर आ रहे वाहन फंस गए। कड़ाके की सर्दी से बच्चे बेहाल रहे। एक स्कूली
रिक्शा के निकलने के दौरान जाम लगाने वालों की उससे नोकझोंक हो गई।