मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव मुरान में कक्षा पांच का छात्र स्कूल के पास खनन से गहरे हुए तालाब में डूब गया। उसे बचाने को उतरा ग्रामीण भी डूबने लगा। अन्य ग्रामीणों ने उसे किसी तरह बचा लिया। पर, छात्र को नहीं बचाया जा सका और उसकी डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने ने इनकार कर दिया। छात्र के माता-पिता व बाबा की पहले ही मौत हो चुकी है। दादी पालन पोषण कर रही थीं।
गांव मुरान निवासी 13 वर्षीय छात्र अरुण सिंह के पिता सोनू सिंह गुजरात में प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। वहां सड़क दुर्घटना में करीब सात वर्ष पूर्व उनकी मौत हो गई थी। करीब दस वर्ष पूर्व अरुण की मां पूनम की कैंसर की वजह से जान चली गई। उसके बाबा शिव करण सिंह की भी मौत हो चुकी है। इसके चलते अरुण व उसकी बहन शालू (15) का पालन पोषण दादी अरुणा देवी ही कर रही थीं। अरुण कुमार गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ता था। मंगलवार को वह स्कूल में पढ़ने गया था। स्कूल के पास ही तालाब है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने पिछले वर्ष तालाब सूख जाने पर इसमें अवैध खनन किया था। इससे इसकी गहराई ज्यादा हो गई। उसमें बतखें हैं। खेल-खेल में वह उन्हें पकड़ रहा था। तभी वह तालाब में घुस गया। इससे वह डूबने लगा। यह देख गांव की एक महिला ने शोर मचाया।
इस पर गांव के सुरेंद्र सिंह उसे बचाने के लिए तालाब में डूबने लगे। यह देख गांव के अन्य लोगों ने उन्हें बचाने को तालाब में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने सुरेंद्र सिंह को बचा लिया और बाहर निकाल लिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद छात्र को ग्रामीण तालाब से खोज सके। पर, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इससे उसकी दादी अरुणा देवी व बहन शालू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।