फर्रुखाबाद। दस दिन पहले 30 लाख रुपये का सिग्नल केबल चोरी होने के मामले में आरपीएफ आईजी ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार को उन्होंने मुकदमे से संबंधी पत्रावली देखी। इसके साथ ही अधीनस्थों को निर्देश दिए।
आरपीएफ गोरखपुर आईजी अतुल कुमार श्रीवास्तव दोपहर बाद तीन बजे रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने 11 नवंबर की रात रेलवे सिग्नल का केबल चोरी होने के मामले की जांच की।
उन्होंने पत्रावली देखने के साथ ही अधीनस्थों को आगे की कार्रवाई के बाबत निर्देश दिए। आरपीएफ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 11 नवंबर को दो डीसीएम में लदा केबल पकड़ा था।
इसमें सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल) हरि सिंह रावत पुत्र देवी सिंह रावत निवासी देववास डूंगला थाना चित्तौड़गढ़, राजस्थान, ठेकेदार के मुंशी जितेंद्र कुमार पुत्र श्याम सिंह निवासी सरगांव बुजुर्ग, थाना रूरा, कानपुर देहात को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इसके अलावा डीसीएम चालक दिल्ली के थाना भजनपुरा के मोहल्ला बुलंद मस्जिद निवासी मोहम्मद इरफान, बुलंदशहर के थाना डिबाई के गांव मखैना सूरजपुर के मोहम्मद साजिद को भी जेल भेजा गया था।
इंस्पेक्टर ने बताया कि आईजी कुछ मिनट ही रुककर चले गए। उन्होंने मुकदमे संबंधी जानकारी हासिल की। चोरी के मामले में अन्य दोषियों को चिह्नित किया जा रहा है।