फर्रुखाबाद। हिंदी विषय को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अक्सर छात्र-छात्राएं यह लापरवाही बरतते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें परीक्षा के दौरान भुगतना पड़ता है। अच्छे अंक न मिलने से वे मेधावी बनने से रह जाते हैं। हिंदी के प्रश्न-पत्र में पूछे जाने वाली व्याकरण गणित व विज्ञान के सूत्रों से कम नहीं है। इसमें अगर सुधार कर लिया जाए तो अच्छे अंक मिलेंगे। हिंदी विषय पर शिक्षकों ने दिए परीक्षार्थियों को महत्वपूर्ण सुझाव।
रस, छंद व अलंकारों का करें अभ्यास: काशी प्रसाद
हिंदी प्रवक्ता काशी प्रसाद ने कहा कि यदि हिंदी विषय में व्याकरण-लेखनी पर पकड़ बना ली जाए तो अच्छे नंबर मिलेंगे। कक्षा 12 हिंदी प्रश्न पत्र के खंड (क) में 10 अंकों के प्रश्न विकल्पीय होते हैं, जो हिंदी साहित्य के इतिहास पर आधारित होते हैं। 10-10 अंकों के गद्यांश तथा पद्यांशों के प्रश्नोत्तर पूंछे जाते हैं। खंड (ख) संस्कृत व हिंदी व्याकरण से संबंधित होता है। व्याकरण का अभ्यास बहुत अच्छे अंक दिलाता है। बच्चे रस, छंद एवं अलंकारों को भी अच्छे ढंग से पढ़ें।
-
ओएमआरशीट पर उत्तर देते समय बरतें सावधानी: कृष्ण कुमार अवस्थी
हिंदी प्रवक्ता व कवि कृष्ण कुमार अवस्थी ने कहा कि हाईस्कूल हिंदी विषय का प्रश्नपत्र 70 अंक का होता है। इसमें 20 अंकों के 20 प्रश्न विकल्पीय होते हैं। ओएमआर शीट पर इनके उत्तर देते समय सावधानी बरतें, क्योंकि इन्हें एक बार चिह्नित करने के बाद परिवर्तन संभव नहीं है। ब्लेड या व्हाइटनर का प्रयोग बच्चे कतई न करें। वर्णनात्मक प्रश्न 50 अंक के पूछे जाते हैं। इनका उत्तर लिखते समय काले हेडिंग का प्रयोग करते हुए प्रश्न संख्या क्रमांक एवं खंड का उल्लेख स्पष्ट रूप से करें। जीवन परिचय के मुख्य बिंदुओं को हाईलाइट जरूर करें।
परीक्षा की तैयारी करते समय न लें तनाव: दिशा
इंटरमीडिएट की मेधावी छात्रा दिशा सक्सेना कहती हैं कि हिंदी की तैयारी करते समय कोई तनाव न लें। हिंदी में सही उत्तर अच्छे अंक दिलाते हैं। काव्य सौंदर्य के तत्व भी ठोस अंक प्रदान करते हैं।
परीक्षा को टेस्ट की तरह समझें: करीना
हाईस्कूल की छात्रा करीना कुमारी कहती हैं कि परीक्षा को टेस्ट की तरह समझें। मन में निगेटिव विचार कतई न लाएं। पढ़ने का टाइम टेबल जरूर बनाएं। खान-पान का विशेष ध्यान रखें।