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गंगा का जलस्तर घटा, बीमारी ने पांव पसारे

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अमृतपुर/शमसाबाद। रविवार को गंगा का जलस्तर 25 सेंटीमीटर घटकर चेतावनी बिंदु से नीचे पहुंच गया। इससे गांवों में भरा पानी निकल गया। हालांकि पानी निकलने के बाद भी ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। बाढ़ग्रस्त गांवों में बुखार, खुजली आदि बीमारियां पांव पसारने लगी हैं। शमसाबाद के बाद समैचीपुर में करीब 25 लोग बुखार से पीड़ित हैं। एक सप्ताह पूर्व स्वास्थ्य टीम ने गांव से दो किलोमीटर दूर शिविर लगाकर ग्रामीणों को दवा बांटी थी। इसके बाद फिर कोई देखने नहीं आया।
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नरौरा बांध से कम पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है। रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 28 हजार 701 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर 136.75 मीटर से घटकर 136.50 मीटर पर पहुंच गया है। यह चेतावनी बिंदु से 10 सेंटीमीटर नीचे है। क्षेत्र के गांव रामपुर, लायलपुर, माखन नगला, कालिका नगला, रामप्रसाद नगला, जटपुरा, कहिलियाई, हरसिंहपुर कायस्थ आदि गांवों में भरा बाढ़ का पानी निकल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी में घुसकर निकलने से पैरों में खुजली की दिक्कत हो गई है। जुकाम, बुखार के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
शमसाबाद के गांव समैचीपुर में भरा पानी निकलने के बाद हर तरफ कीचड़ हो गया है और गंदगी फैली है। गांव में 25 लोग बुखार की चपेट में हैं। सूचना के बावजूद गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं भेजी गई। अकील, इश्तियाक, कपिल, खान मोहम्मद, राखी, हाशिम, शाकरुन आदि को कई दिनों से बुखार आ रहा है। स्वास्थ्य टीम न आने से ग्रामीण झोलाछाप से इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।
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पीएचसी में भरा पानी, सड़क पर बैठे स्वास्थ्य कर्मी
राजेपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर में बाढ़ का पानी भरा होने से सड़क किनारे स्वास्थ्य कर्मियों ने बैठ कर मरीजों को दवा दी। डॉ. अनुराग कुशवाहा ने कुल 81 मरीज को देखा। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से खांसी, बुखार, जुकाम व खुजली के अधिक मरीज आ रहे हैं। लैब टेक्नीशियन अवधेश कुमार, एएनएम अंजलि, वेदवती आदि मौजूद रहीं।
ढपलपुर में गंगा में लगाई जा रहीं बल्लियां
कमालगंज। जंजालीनगला के बाद अब गंगा की बाढ़ व कटान से राजा भोज की नगरी भोजपुर को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। भोजपुर के किले से गंगा महज सात मीटर दूर रह गई है। डीएम के निर्देश के बाद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एसके सचान, अवर अभियंता चंद्रभान सिंह, देवीप्रसाद, राजीव आदि ने प्रधान की मौजूदगी में ढपलपुर के मकानों व प्राथमिक विद्यालय को कटान से बचाने के लिए बल्ली की पाइलिंग शुरू कराई। 260 मीटर लंबाई और डेढ़ मीटर चौड़ाई में गंगा किनारे पानी में बल्लियां लगाई जा रही हैं। बल्लियों के बीच में पेड़ों की टहनियां आदि डाली जा रही हैं, चाकि कटान का प्रभाव न हो व किनारे की मिट्टी न कटे। भोजपुर के प्रधान भुवनचंद्र बरतरिया ने जिलाधिकारी से मिलकर ढपलपुर में मकानों से 15 मीटर की दूरी तक गंगा पहुंच जाने व कटान होने की समस्या से अवगत कराया था। प्रधान ने बताया कि आगे की ओर बसे ढपलपुर के 15 से 20 मकानों को खतरा है। इस समय आबादी से 15 मीटर व किले से 7 मीटर की दूरी पर गंगा है। ढपलपुर का स्कूल 30 मीटर दूर है।
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