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Farrukhabad News: हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद मिला तो सीएचओ पर होगी कार्रवाई

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फर्रुखाबाद। हेल्थ वेलनेस सेंटर बंद मिलने पर सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इससे अब जिम्मेदारों के संरक्षण में सीएचओ के मनमानी ड्यूटी करने का खेल खत्म होगा। वहीं, लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर मिलने की उम्मीद है।
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जनपद के ग्रामीण इलाके में 165 हेल्थ वेलनेस सेंटर हैं। इनमें अधिकतर सीएचओ मनमानी ड्यूटी कर रहे हैं। खेल के चलते हेल्थ वेलनेस सेंटर कुछ देर खुलने के बाद बंद कर सीएचओ खिसक जाते हैं। किसी अधिकारी के निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद मिलने पर सीएचओ फील्ड में जाने का बहाना बताकर कार्रवाई से बच जाते हैं। इस पर शासन से शिकंजा कस दिया गया है। एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएचओ की किसी अन्य कार्यक्रम में ड्यूटी लगाने पर रोक लगा दी है।
उन्होंने सीएमओ को जारी आदेश में कहा कि सभी सेंटरों का सुदृढि़करण किया जा रहा है। सीएचओ द्वारा लोगों को नियमित रूप से मातृ स्वास्थ्य, बाल व शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संचारी व गैर संचारी रोगों से संबंधित दवाएं, जांच व टेलीकंसल्टेशन आदि सेवाएं देने की रिपोर्ट दी जा रही है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान सीएचओ सेंटर पर मौजूद नहीं मिले। उनसे अन्य कार्यक्रमों में सेवाएं ली जा रही हैं।
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रोक के बावजूद अन्य कार्यक्रमों में सीएचओ की ड्यूटी लगाना शासन की मंशा के विपरीत है। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर लैपटाॅप व प्रिंटर उपलब्धता होने के निर्देश दिए। इससे लोगों को निर्धारित 14 प्रकार की सेवाएं मिल सकेंगी।

ठेंगे पर शासनादेश, 19 उपकेंद्रों खाली
शासन से गांव के सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम तैनात करने के आदेश हैं। वहीं, जिले में 234 उपकेंद्रों के सापेक्ष 235 एएनएम उपलब्ध होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के 19 उपकेंद्र एएनएम विहीन हैं। खेल के चलते शहर व बरौन सीएचसी में पदों से अधिक एएनएम तैनात हैं। कलक्ट्रेट सभागार में आयुष्मान भव कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत और 20 सितंबर को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने शहर व सीएचसी बरौन में तैनात अतिरिक्त एएनएम ग्रामीण उपकेंद्रों पर स्थानांतरित करने के आदेश सीएमओ को दिए थे। इसके बाद भी एएनएम स्थानांतरित नहीं की गईं।
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