पुत्री की हालत खराब होने पर उसको लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने हैलट कानपुर रेफर कर दिया। हैलट में इलाज के दौरान सुखदेवी की 17 अप्रैल को मौत हो गई। पुलिस ने एनसीआर को गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में तरमीम कर लिया।
विवेचक ने संजीव के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर संजीव को दोषी करार देकर दो वर्ष की सजा व बीस हजार जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।