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Farrukhabad News: पत्नी की हत्या करने में पति को सात साल की सजा

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फर्रुखाबाद। 18 साल पूर्व दहेज में बाइक व टीवी की मांग पूरी न होने पर आरोपी ने पत्नी की जलाकर हत्या कर दी थी। मामले में न्यायाधीश ने आरोपी पति को दहेज हत्या में दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई। आरोपी पर दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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जनपद एटा के थाना सिकंदुपुर वैश के गांव नरदोली निवासी धर्मपाल सिंह ने कंपिल थाने में पुत्री की दहेज के खातिर जलाकर हत्या करने के मामले में पति सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि उसने पुत्री प्रीति का विवाह डेढ़ साल पहले वर्ष 2005 में कंपिल थाना क्षेत्र के गांव रौकरी निवासी रामौतार के पुत्र सतीश के साथ किया था। शादी के कुछ समय बाद से ही पति सतीश, सास सुशीला देवी, भाई सुभाष पुत्री से दहेज में बाइक व टीवी लाने का दबाव डालने लगे। मांग पूरी न होने पर यह लोग पुत्री के साथ मारपीट कर उत्पीड़न करने लगे।
पुत्री ने घर आकर पूरी जानकारी दी। पंचायत में हुए समझौते के बाद पुत्री को ससुराल भेज दिया। 11 सितंबर 2006 को बड़े दामाद जनपद एटा थाना जैथरा के गांव कंचन नगला निवासी राकेश ने सूचना दी कि ससुरालियों ने प्रीति के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जलाकर हत्या कर दी है। मौके पर जाकर देखा तो पुत्री अधजली मृत अवस्था में ससुराल में पड़ी थी। ससुराल वाले मौके से भाग गए थे। पिता की तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या की धाराओं में पति सतीश, सास सुशीला देवी, भाई सुभाष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की।
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विवेचक ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ दहेज हत्या के अपराध में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान सुभाष की मौत हो गई। मामले की सुनवाई कर रहे त्वरित न्यायालय प्रथम (एफटीसी प्रथम) संदीप तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व साक्ष्य के आधार पर पति को दहेज हत्या में दोषी करार देते हुए सात साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कैद भोगनी होगी। सुशीला देवी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे दोषमुक्त कर दिया।
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