फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश एमपी सिंह ने दहेज हत्या के मुकदमे के आरोपी पति को दोषी पाकर दस साल की सजा सुनाई है। तीस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। जुर्माने की राशि वसूल होने पर मृतका के पिता को आधी धनराशि भी दिए जाने का आदेश दिया गया है।
कन्नौज के सौरिख जिले के तरींद निवासी झब्बू लाल ने अपनी पुत्री चंचल की शादी मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव ऊगरपुर निवासी अजय पाल सविता के साथ की थी। शादी के बाद से अजय पाल अतिरिक्त दहेज में बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर 14 फरवरी 2009 को मारपीट करने के बाद पुत्री को कमरे मेें बंद कर केरोसिन डाल कर आग लगा दी। चंचल को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उपचार के दौरान चंचल की मौत हो गई थी। इस घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता ने अजय पाल के खिलाफ दर्ज कराई थी। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह चौहान ने दलीलें पेश कीं। न्यायाधीश ने मृतका के पति को दहेज हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया और दस साल जेल व तीस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।