संवाद, न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। दहेज हत्या में कोर्ट ने पति को दोषी करार दिया है। एक महिला आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। तीन आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
जनपद हरदोई थाना लोनार क्षेत्र के गांव सिलवारी निवासी उमेश प्रताप सिंह ने बहन ऊषा का विवाह थाना राजेपुर के गांव गांधीनगर निवासी अनिल कुमार के साथ वर्ष 1989 में किया था। विवाह में क्षमता के अनुसार दान दहेज दिया था, लेकिन ससुरालीजन दहेज की मांग कर उसको प्रताड़ित करते थे। 29 अगस्त 1990 को सूचना मिली कि बहन ऊषा की बीमारी से मौत हो गई। मौके पर जाकर देखा तो उसकी जलाकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में पुलिस ने उमेश की तहरीर पर पति अनिल कुमार, ससुर नरेंद्र कुमार, ददिया ससुर चंद्रपाल, ददिया सास लालावती, सास मुन्नी देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ददिया ससुर चंद्रपाल, ददिया सास लीलावती व ससुर नरेंद्र की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे एडीजे प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर पति अनिल कुमार को दोषी करार किया है।
साक्ष्य के अभाव में सास मुन्नी देवी को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से दीपिका कटियार व अनिल बाजपेई ने दलीलें दी। शुक्रवार को दोषी पति को सजा सुनाने की तिथि नियत की गई है।