फर्रुखाबाद। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से आए शिव महापुराण कथाव्यास प्रीतम शरण महाराज ने कहा कि जहां भी भगवान की कथा होती है, वहां पवनपुत्र हनुमान जी की उपस्थिति होती है। कहा कि यहां बैठे श्रोताओं को हनुमानजी से प्रेरणा लेनी चाहिए।
फतेहगढ़ के कानपुर रोड स्थित एक मैरिज लॉन में चल रही शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथाव्यास प्रीतम शरण महाराज ने कहा कि कथा कोई भी हो, श्रीराम, श्रीकृष्ण या शिव की हर स्थान पर हनुमानजी की उपस्थिति होती है। पवन पुत्र कथा के असली श्रोता हैं। कहा कि कथा में आने के बाद फिर सब कुछ भूल जाना चाहिए। तभी कथा की असली सार्थकता है।
भगवान से सच्चे मन, श्रद्धा से जो बात कही जाती है, उसे हर हाल में पूरा करते हैं। कथा के परीक्षित राजेश मिश्रा व स्नेह मिश्रा के अलावा कथा व्यवस्थापक सभासद अनिल तिवारी व शीला तिवारी, दीपक मिश्रा, सुभाष तिवारी, अंबिका त्रिवेदी, मुन्नालाल, आनंद, राम मिश्रा, कृष्ण मुरारी, मुन्नी कटियार, राकेश बाबू, रामवीर सिंह चौहान आदि रहे।