गांव नगला निशान में भेंड़ चराते समय खेत में जमीन से ढाईफुट ऊची हाईटेंशन
लाइन से वृद्ध की गर्दन टकरा गई। करंट से वृद्ध की गर्दन धड़ से अलग होकर
10 मीटर दूर जाकर गिरी। धड़ सुलगने लगा। छोटे भाई ने लाठी से बड़े भाई के
शरीर को हटाने का प्रयास किया तो वह करंट से दूर जा गिरा। निगम के अफसर व
कर्मचारी सूचना दिए जाने के बाद भी घटना स्थल पर नहीं पहुंचे।
गांव
मंसा नगला निवासी पृथ्वीराज पाल (80) बुधवार को छोटे भाई वैकुंठ के साथ
भेड़ चराने गांव निशान नगला गया था। कुछ भेड़ दूसरे खेत की ओर चली र्गइं।
पृथ्वीराज उन्हें हांकने गया। नजर कमजोर होने से जमीन से लगभग ढाई फुट ऊंची
हाईटेंशन लाइन के तार नहीं दिखाई दिए। इससे वे लाइन की चपेट में आ गए। तार
इनकी गर्दन से चिपक गया और सिर धड़ से अलग होकर करीब 10 मीटर दूर जाकर
गिरा। यह देख वैकुंठ के होश उड़ गए। वह लाठी लेकर दौड़ता हुआ पहुंचा।
उसने
तारों में लाठी मार कर भाई के धड़ को अलग करने का प्रयास किया तो वह भी
करंट से दूर जा गिरा। उधर, वृद्ध का शरीर सुलगने लगा। जानकारी मिलते ही
गांव के लोग खेत पर पहुंचे और अवर अभियंता कोजानकारी दी। बिजली सप्लाई बंद
होने के बाद वृद्ध का शरीर जमीन पर गिर पड़ा। सूचना पर पुलिस मौके पर
पहुंची और घटना की जानकारी ली। लेकिन विद्युत निगम का कोई अधिकारी या
कर्मचारी नहीं पहुंचा। मृतक के भाई वैकुंठ ने बताया कि भाई भेड़ों को
हंाकने गए थे। वह हाईटेंशन लाइन के तारों की चपेट में आ गए।
घटना के बाद अफसरों ने यह कहा
घटना
की जानकारी मिल गई है। लाइनमैन को मौके पर भेजता हूं। यहां के तारों को
ऊंचा करने के लिए स्टीमेट बनाकर भेज दिया है। स्टीमेट पास होकर आने पर तार
ऊंचे किए जाएंगे।
विजय पाल यादव, अवर अभियंता
कानपुर आया हूं,
घटना की जानकारी नहीं है। जेई को मौके पर भेज कर मामले की जांच पड़ताल कराई
जाएगी। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलवाया जाएगा।
गौरव कुमार, एसडीओ
पीड़ित
परिवार को मुआवजा दिलावाया जाएगा। इसके लिए पीड़ित परिवार को पीएम रिपोर्ट
और थाने में दी गई सूचना की प्रति देनी होगी। इसके बाद विद्युत सुरक्षा
परिषद की जांच रिपोर्ट पर मुआवजा दिए जाने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी
जाएगी।
अमर सिंह एक्सईएन ग्रामीण
यहां डेढ़ साल पूर्व भी हो चुकी है मौत
हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों की चपेट में आने से डेढ़ साल पूर्व भटपुरा
निवासी धनीराम की मौत हो गई थी। तब निगम के अफसरों ने तारों को ऊंचा किए
जाने का आश्वासन दिया था। तारों को अभी तक ऊंचा नहीं कराया गया। इसी तरह
अधिकारी अनदेखी बरतते रहे तो और भी हादसे हो सकते हैं।