बगैर शटडाउन लिए 11 हजार वोल्ट लाइन के खंभे पर चढ़े प्राइवेट बिजली
मिस्त्री की अचानक बिजली आने से चिपक कर मौत हो गई। रात भर शव घटना स्थल पर
पड़ा रहा। तड़के परिजनों को सूचना हुई। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने
फर्रुखाबाद-शमसाबाद मार्ग पर शव रख जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे उप
जिलाधिकारी कायमगंज ने
समझाकर जाम खुलवाया। गांव बरई निवासी रामदास का
पुत्र मनीराम प्राइवेट बिजली मिस्त्री था। रामदास के मुताबिक गुरुवार शाम
करीब 6.30 बजे कुछ लोग मनीराम (25) को यह कहकर बुला ले गए कि भारत सिंह व
पाल ईंट भट्ठा के बीच से गुजरी एचटी लाइन का जंफर टूट गया है। मनीराम 11
हजार लाइन के खंभे में चढ़ गया। उस वक्त बिजली
नहीं थी। मनीराम जंफर बांध
रहा था, तभी बिजली आ गई। इसे मनीराम झुलसकर नीचे आ गिरा और उसकी मौत हो गई।
मनीराम के घर न आने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला।
शुक्रवार तड़के उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब मनीराम का शव पड़ा देखा तो
परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पिता रामदास और
पत्नी सुमन देवी
घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर थाना पुलिस भी पहुंच गई। गुस्साए ग्रामीणों
ने पुलिस के सामने ही फर्रुखाबाद-शमसाबाद मार्ग पर शव रख जाम लगा दिया।
सूचना पर एसडीएम कायमगंज बीडी वर्मा, एसडीओ गौरव कुमार, जेई मोहित लवलानी
और एसएसओ राजेश सिंह मौके पर पहुंच गए।
एसडीएम ने परिजनों को आश्वासन
दिया कि पारिवारिक लाभ योजना और बिजली विभाग से उन्हें आर्थिक मदद दिलवाई
जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस ने शव का पंचनामा भर
पोस्टमार्टम को भेज दिया है। एसएसओ राजेश सिंह ने बताया कि मृतक मनीराम
बगैर शटडाउन लिए बिजली के खंभे पर चढ़ा था। एसडीओ ने
बताया कि मामले की
जांच करवाई जाएगी। इसके बाद मृतक के परिजन को लाभ दिया जाएगा। मृतक के एक
पुत्र अंकेश (2) और एक पुत्री रोली (1) है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
था।