फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 4,029 लाभार्थी आवास से वंचित रह सकते हैं। शासन ने खामियों के कारण इन लाभार्थियों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) लेने से मना कर दिया है। शासन स्तर से डीपीआर अगर स्वीकृत नहीं हुई तो इन लोगों को आवास निर्माण की किस्त नहीं मिलेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में निर्णय हो जाएगा।
पीएम आवास योजना शहरी का संचालन जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) से होता है। लगभग तीन साल पहले जनपद में पांच हजार से ज्यादा लोगों ने पीएम आवास योजना शहरी के तहत आवेदन किए थे। तीन साल तक इन आवेदनों की जांच तहसील स्तर पर अटकी रही। सितंबर 2023 में आवेदनों की जांच की गई तो 771 लोग अपात्र पाए गए। अब जनपद स्तर से 4029 लाभार्थियों की डीपीआर तैयार है, लेकिन शासन ने डीपीआर लेने से स्पष्ट मना कर दिया है। इसके चलते इन लाभार्थियों की किस्त अधर में लटक सकती है। यह भी बताया जा रहा है कि अगर शासन स्तर से डीपीआर स्वीकृत न हुई तो इन लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सिटी लेबल टेक्निकल अधिकारी (सीएलटीसी) नितिन सक्सेना ने बताया कि 4029 लाभार्थियों की डीपीआर तैयार है। जल्द ही इस बारे में निर्णय आ जाएगा।