कंपिल। तलखी नगला में गांव में आग लगने से चार की गृहस्थी राख हो गई। ज्ञान सिंह के घर के छप्पर में रविवार की शाम आग लगने से कमरे में सो रहे मां-बेटा फंस गए। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला। तेज हवा के कारण आग की चपेट में आने से तीन पड़ोसियों के छप्परों में भी आग लग गई। इससे चारों लोगों का गृहस्थी का सामान जल गया। करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
ज्ञान सिंह की पत्नी ऊषा देवी अपने पुत्र के साथ कमरे में सो रही थीं। रविवार शाम करीब चार बजे अचानक कमरे के ऊपर पड़े छप्पर में आग लग गई। तेज हवा चलने के कारण पड़ोसी धनीराम, राजेश और सर्वेश के छप्परों ने भी आग पकड़ ली। इससे गांव में हड़कंप मच गया। ज्ञान सिंह की पत्नी की आंख खुली तो वह वह चिल्लाने लगीं। शोर शराबा सुनकर गांव के लोगों ने बमुश्किल उनको और इनके बेटे को कमरे से बाहर निकाला।
हैंडपंप से पानी भर भर कर आग बुझाने की कवायद शुरू की गई । करीब तीन घंटे में ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। तब तक चारों घरों की गृहस्थी आग की चपेट में आकर जलकर राख हो र्गइं। ज्ञान सिंह ने बताया कि उसका गृहस्थी का पूरा सामान जल गया। अनार सिंह की 10 क्विंटल तंबाकू बोरों में भरी हुई रखी थी। यह भी जल गई। इसकी कीमत लगभग 50 हजार रुपये थी। इस तरह करीब एक लाख रुपये नुकसान हुआ है।
वहीं धनीराम, राजेश और सर्वेश कुमार की भी गृहस्थी आग की चपेट में आने से जल गई। आग से चारों घरों का लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी क्षेत्रीय लेखपाल को दी गई।