डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में ओपीडी दवा वितरण काउंटर पर दोपहर में मामूली विवाद के बाद महिलाओं में चप्पलें चल गईं। मारपीट के दौरान कुछ देर दवा वितरण का काम भी बंद रहा। हालांकि लाइनों में लगे लोगों ने बीचबचाव किया और महिलाएं चली गईं।
अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को दवा वितरण के लिए भारी भीड़ थी। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजे पहले दवा लेने के चक्कर में दो महिलाओं में विवाद हो गया। कुछ ही देर में चप्पलें चलने लगीं। इससे वहां अफरातफरी मच गई।
कुछ महिलाओं ने दोनों को पकड़कर अलग-अलग किया। फिर काउंटर से दोनों को दवा देकर रवाना कर दिया गया। इस दौरान करीब आधा घंटे तक मारपीट की चर्चा होती रही।
काउंटरों पर भी दवा वितरण बंद रहा। हालांकि बाद में सब कुछ सामान्य हो गया। करीब डेढ़ बजे दवा वितरण काउंटरों पर भीड़ कम हो सकी।
लोहिया अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। तमाम मरीज अपने बीमार बच्चों को जमीन पर बैठाकर इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं।
अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को भी मरीजों की संख्या खासी रही। पर्चा काउंटरों से लेकर फिजीशियनों के यहां लंबी कतारें लगी रहीं। लाइनों में लगे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
कुछ महिलाएं बीमार बच्चों को दिखाने के लिए लाइन में खड़े होकर थक गईं, तो जमीन पर बैठ गईं। बदलते मौसम में बुखार, खांसी, जुखाम के मरीजों की संख्या बेतहाशा है। इससे अस्पताल में भीड़ बढ़ रही है।
फिजीशियन मात्र दो ही होने से मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। सीएमएस डा. अशोक कुमार ने बताया कि चप्पलें चलने की उन तक सूचना नहीं आई। कुछ विवाद हुआ होगा, तो शांत होकर चली गई होंगी। बोले, वह खुद पूरे समय मरीजों को देखते हैं।