फर्रुखाबाद। विशेष अदालत ईसी एक्ट के जज राकेश कुमार सिंह ने हिस्ट्रीशीटर को पुलिस मुठभेड़ के मुकदमे में दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए।
नवाबगंज के गांव झब्बू सिंह निवासी सर्वेश नट, जहानगंज के गांव दानमंडी निवासी परशुराम उर्फ बबलू उर्फ पंजाबी जून 2012 में कचहरी कंपाउंड स्थित सेशन हवालात में नकबजनी कर छह अन्य आरोपियों संग फरार हो गया था। उस पर हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत कई मुकदमे चल रहे थे।
मामले में कोर्ट मोहर्रिर ने फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। तत्कालीन एसपी ने सभी की गिरफ्तारी के लिए एसओजी व फतेहगढ़ कोतवाल को लगाया था। 22 जून 2012 को शमसाबाद क्षेत्र के गांव ऊगरपुर गंगा कटरी में घेराबंदी के दौरान एसओजी प्रभारी नन्हेंलाल यादव गोली लगने से घायल हो गए थे।
पुलिस ने घेराबंदी कर असलहों समेत दोनों को पकड़ लिया था। एसओजी प्रभारी ने दोनों के खिलाफ शमसाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचक ने जांच के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी परशुराम उर्फ पंजाबी की मौत हो गई, इससे सर्वेश नट के खिलाफ मुकदमा चला।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानू मिश्रा, राजीव भगोलीवाल, संजीव कुमार मिश्रा ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सर्वेश नट को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।