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हाईटेंशन लाइन की डिस्क फटने से आपूर्ति ठप

Tue, 13 Jan 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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हाईटेंशन लाइन की डिस्क फटने से भोलेपुर विद्युत उपकेंद्र के फीडर बंद हो गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रोें की बिजली सप्लाई ठप रहीं। जगह-जगह हाईटेंशन लाइन की फटी डिस्क  बदलने के बाद देर शाम बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। भोलेपुर विद्युत सब स्टेशन से ढिलावल, कीरतपुर, मंडल व याकूतगंज फीडर चलते हैं। इनसे ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली सप्लाई दी जाती है।
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सोमवार की रात ढिलावल गांव और मंडल फीडर की हाईटेंशन लाइन की डिस्क फट गई। कीरतपुर फीडर से सप्लाई के दौरान फाल्ट आ गया। इस कारण तीनों फीडरों की बिजली सप्लाई बंद हो गई। घना कोहरा होेने के कारण कर्मचारियों ने रात में डिस्क बदलने और फाल्ट खोजने का कार्य नहीं किया।

इस कारण मंगलवार को करीब दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली सप्लाई ठप रही। अवर अभियंता रोहित कनौजिया ने बताया कि जहां डिस्क फट गई थी उनको बदलवाने का कार्य किया जा रहा है। कीरतपुर फीडर से आपूर्ति के दौरान आए फाल्ट को खोज कर सही करा दिया है। देर शाम आपूर्ति सुचारु करा दी गई है।
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...अब शांति से नहीं सो सकेंगे बिजली चोर  रात के अंधेरे में कटिया डाल कर बिजली चोरी करने वालों की अब खैर नहीं है। अंधेरे में चोरी से घर में रोशनी करने वालों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए विद्युत निगम के अफसर पुलिस विभाग के सहयोग से रात में बिजली चोरी रोकने को गश्त करेंगे। इसका आदेश विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को दिया है।

बिजली चोरी में पकड़े जाने पर संबंधित पर रिपोर्ट दर्ज होगी। इनको शमन शुल्क लेकर छोड़ना विभागीय अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। रात के अंधेरे में कटिया डाल कर चोरी से बिजली का उपयोग करना अब आसान नहीं होगा। रात में भी बिजली विभाग के अफसरों की बिजली चोराें पर नजर रहेगी। विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक ने विभागीय

अधिकारियों को पुलिस के साथ रात में गश्त करने के आदेश दिए हैं। रात के समय जो कटिया डाल कर बिजली चोरी करते मिलने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का आदेश दिया है। प्रबंध निदेशक के विद्युत वितरण निगम कार्यालय में आए पत्र में कहा गया है कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से रात्रिकालीन बिजली चोरी रोकने को गश्त किया जाए। इसमें लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बिजली चोरी रोको अभियान के दौरान जो बिजली चोरी में पकड़ा जाता है। उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराकर विद्युत आपूर्ति संहिता 2005 के अनुसार राजस्व निर्धारण दोगुने की दर से लिया जाए। सिर्फ शमन शुल्क लेकर बिजली चोर को न छोड़ा जाए। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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