कायमगंज। गांव नगला धनी व गांव मुदौल में काली खांसी (डिप्थीरिया) के लक्षणों वाली दो बच्चियों की मौत से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।
बुधवार को सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने टीम के साथ दोनों गांवों में पहुंचकर बीमारी के बारे में जायजा लिया। 27 बच्चे बुखार से पीड़ित मिले। सीएमओ ने गांवों में रात में भी इलाज की सुविधा देने के लिए डॉ. सुनील कुमार को तैनात किया है।
गांव नगला धनी के सात और कादरदादपुर सराय के दो बच्चों के डिप्थीरिया की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। इनमें से तीन बच्चों का इलाज कानपुर के हैलट में चल रहा है।
सोमवार को गांव मुदौल निवासी सर्वेश की पुत्री दिव्या (2) की मौत हो गई थी। इसके बाद मंगलवार को गांव नगला धनी निवासी भारत सिंह की पुत्री कोमल (6) की भी मौत हो गई।
इन बच्चों को बुखार, गले में छाले आदि लक्षण थे। इससे उनमें डिप्थीरिया जैसे लक्षण होना बताया गया। करीब 4-5 दिन से गांव नगला धनी में स्वास्थ्य शिविर लगा है।
बच्चों की मौत के बाद सीएमओ व एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, डॉ. सर्वेश यादव, डॉ. दीपक कटारिया, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सूद, डॉ. रंधीर गांव पहुंचे।
टीम ने मृत बच्चों के परिवार वालों से भी पूूछताछ की। वहां चिकित्साधीक्षक डॉ. सरवर इकबाल ने दो टीमों से सर्वे कराया। इसमें 227 बच्चों की जांच की गई। 27 बच्चों में बुखार के लक्षण पाए गए।
सभी को दवा दी गई। साथ ही 58 लोगों की कोरोना जांच के लिए नमूने लिए गए। इसमें गांव नगला धनी की एक महिला व एक पुरुष की एंटीजन किट की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
सीएमओ ने गांव मुदौल में बीसीएम विनय मिश्रा व अन्य के साथ निरीक्षण किया।
गांव के तालाब में गंदगी व हैंडपंप में दूषित पानी को देख चिकित्साधीक्षक से कहा कि बीडीओ से समन्वय बनाकर समस्या का समाधान कराएं। सीएमओ के मुताबिक मृत बच्ची में डिप्थीरिया जैसे कोई तथ्य नजर नहीं आए, उसकी मौत वायरल फीवर से मानी जा रही है।