फर्रुखाबाद। बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में तीन मार्च को सुनवाई होगी। वादी वकील ने जमानत पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने वादी को चार सप्ताह के अंदर विरोध में प्रपत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
वकील राजीव बाजपेई ने बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव संजीव पारिया, फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे (वर्तमान में इंस्पेक्टर रामनिवास हत्याकांड में उम्रकैद में मथुरा जेल में बंद), कादरी गेट थाना क्षेत्र के पांचाल घाट निवासी वकील शिवप्रताप उर्फ चीनू सहित कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि उनके ऊपर जानलेवा हमला, अधिवक्ता निधि का करोड़ों रुपये का गबन कर अकारण हड़ताल कर लोगों को परेशान किया। इस मामले में 13 नवंबर को पुलिस ने पूर्व महासचिव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कुछ दिन बाद वकील शिव प्रताप चीनू को जेल भेजा। शिव प्रताप चीनू को जमानत पर रिहा हो गए। संजीव पारिया की जमानत अर्जी जिला जज ने खारिज कर दी। हाईकोर्ट में संजीव पारिया की जमानत अर्जी पर वादी वकील राजीव बाजपेई ने आपत्ति दाखिल की। कोर्ट ने वादी को चार सप्ताह के अंदर आपत्ति के प्रपत्र दाखिल करने के आदेश दिए। जमानत पर सुनवाई को लेकर तीन मार्च की तिथि नियत की है। (संवाद)