फर्रुखाबाद में शहर के ठंडी सड़क स्थित केएम हाउस व गुरुशरणम होटल के ध्वस्तीकरण आदेश पर बुधवार को सुनवाई टल गई। अब 6 मई को बोर्ड की बैठक में 21 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर निर्णय लिया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने शहर के 21 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इसके खिलाफ भवन स्वामियों ने जिलाधिकारी से सुनवाई की अपील की।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नियंत्रक प्राधिकारी बोर्ड की बैठक बुधवार दोपहर 12.30 बजे कलक्ट्रेट सभागार में बुलाई गई थी। इसमें सहयुक्त नियोजक कानपुर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी व जलनिगम, सीडीओ, एडीएम व जिला पंचायत अध्यक्ष को सुनवाई करनी थी। दोपहर में बैठक का समय चार बजे होने की मौखिक सूचना दे दी गई।
इस पर भवन स्वामियों का पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं ग्रीश चंद्र सक्सेना, चंद्र उदय सक्सेना, कार्तिक चंद्र मिश्र, राकेश कुमार सक्सेना, महेश यादव, शशांक शेखर मिश्र, प्रदीप सहाय सक्सेना आदि ने नियंत्रक प्राधिकार व जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि न्यायालय का समय सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक है। इसके बाद अधिवक्ता घर चले जाते हैं।
इससे कोई अन्य तिथि निर्धारित कर सुनवाई का समय 12.30 बजे ही करना आवश्यक है। इससे ध्वस्तीकरण आदेश में शामिल भवनों में शहर के चर्चित गौरव अरोरा का केएम हाउस व बसपा नेता डॉ.अनुपम दुबे का गुरुशरणम होटल के अलावा चंद्र प्रकाश मिश्र, अजय कुमार, विमला देवी, सुरेश चंद्र गुप्ता, प्रवीन कुमार, मनोज कुमार, योगेंद्र भल्ला, विनोद कुमार, वीरेंद्र राजपूत, नीलम, अजय कुमार, जफर इसरार, बृजेेश, सुरेश चंद्र, वीरेंद्र कुमार, वीरभान, विक्रांत सिंह राना, नरेंद्र प्रकाश शुक्ला व अमर सिंह के भवन के ध्वस्तीकरण आदेश पर सुनवाई के लिए बोर्ड के अधिकारियों की बैठक 6 मई को निर्धारित कर दी गई है। सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने बताया कि 6 मई को बोर्ड की बैठक में ध्वस्तीकरण आदेश पर निर्णय लिया जाएगा।