कोरोना संदिग्ध को लेने पहुंची स्वास्थ्य टीम। संवाद
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फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमण के खौफ के चलते प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। वहीं दूसरे जनपदों से आने वाले कुछ लोग लॉकडाउन तोड़कर दूसरों के जीवन से भी खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे। गांव जरारी में छह युवक 28 मार्च को देवबंद से वापस आने के बाद बिना कोरोना जांच कराए ही गायब हो गए। सोमवार को सूचना मिलते ही गांव पहुंची पुलिस व स्वास्थ्य टीम ने तीन युवकों को पकड़कर कोरोना जांच के लिए एंबुलेंस से मिशन अस्पताल भेज दिया। वहां तीनों के नमूने लिए गए। अभी तीन युवक छिपे हुए हैं।
कमालगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव जरारी निवासी युवक जनपद सहारनपुर के देवबंद में धार्मिक शिक्षा ले रहे हैं। लॉकडाउन के बाद 28 मार्च को छह युवक देवबंद से लौटे। जानकारी मिलते ही पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची तो युवक घरों से छिप गए। इससे उनका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो सका। यह युवक रिश्तेदारी में भी घूमते रहे। पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।
सोमवार को युवकों के घर आने की सूचना पर जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम जादौन, सीओ मोहम्मदाबाद शोहराब आलम स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे और दो युवकों को पकड़ लिया। वहीं इन्हीं युवकों के साथ 28 मार्च को देवबंद से आए गांव बंथल शाहपुर के युवक को भी पकड़ लिया गया। तीनों को एंबुलेंस से कोरोना जांच के लिए मिशन अस्पताल भेज दिया।
वहीं क्षेत्र के गांव बेहटा निवासी युवक एयरफोर्स में गुजरात प्रांत के नलिया में तैनात है। वह 30 मार्च को घर आया था। उसने अपनी कोरोना जांच कराने के लिए थानाध्यक्ष को फोन किया। कहा कि आने के दौरान उसका स्वास्थ्य परीक्षण हुआ था। वह कोरोना जांच भी कराना चाहता है। इस पर थानाध्यक्ष ने उसे भी मिशन अस्पताल भेज दिया।
महाराष्ट्र से आ चुके 500 लोग, कई का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं
जहानगंज। गांव जरारी, भड़ौसा में महाराष्ट्र, दिल्ली आदि राज्यों से करीब 500 से अधिक लोग घर वापसी कर चुके हैं। इनमें दर्जनों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने न तो स्वास्थ्य परीक्षण कराया और न ही क्वारंटीन में रहे। रिश्तेदारी में भी घूमते रहे। ऐसे लोगों की भी प्रशासन के पास सूची तैयार है और उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।