पार्वती का फाइल फोटो। संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। प्रसव के लिए ऑपरेशन के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत होने पर बवाल हो गया। परिजनों और अस्पताल कर्मियों में जमकर मारपीट हुई। नर्सिंग होम में तोड़फोड़ भी की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन अस्पताल कर्मियों को हिरासत में ले लिया। संचालक नर्सिंग होम में ताला डालकर फरार हो गया। रविवार को दिन भर नर्सिंग होम बंद रहा।
शहर कोतवाली के लालदरवाजा निवासी देशप्रेमी अपनी बोलेरो चलाता है। उसकी पत्नी पार्वती (25) को प्रसव के लिए मसेनी चौराहा बाग लकूला स्थित एक नर्सिंग होम में 23 नवंबर को भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने सब कुछ ठीकठाक होने की बात कही। मगर रात में सामान्य प्रसव न होने की बात कही, तो परिजनों ने पार्वती को दूसरे अस्पताल दिखाने की बात कही। आरोप है कि डॉक्टर ने पार्वती को अस्पताल से वापस नहीं दिया। रात में पार्वती का ऑपरेशन किया और उसने पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद भी डॉक्टर ने पार्वती से परिजनों को नहीं मिलने दिया। शनिवार रात एक बजे के आसपास परिजनों से पार्वती की हालत खराब होने की बात कही गई। बाहर ले जाने के लिए एक एबुलेंस भी मंगवा ली। यही नहीं पार्वती को स्ट्रेचर पर रखकर सीधे एंबुलेंस में लिटा दिया। जब परिजनों ने देखा, तो उसकी सांसें बंद थीं।
डॉक्टर और नर्सिंग होम का स्टाफ अस्पताल में ताले डाल ही रहे थे कि परिजन समझ गए। उन्होंने कुछ कर्मियों को पकड़ लिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान नर्सिंग होम में तोड़ फोड़ भी हुई। कुर्सियां उठाकर फेंक दी गईं। सूचना पर यूपी 100 और कादरीगेट पुलिस पहुंची। तीन अस्पताल कर्मियों को हिरासत में ले लिया। परिजन रविवार भोर 3.20 बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने शव मोर्चरी में रखवा दिया। पार्वती के पति देशप्रेमी ने दो डॉक्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी है। शव का पोस्टमार्टम डॉ. अमित अग्रवाल व डॉ. मनोज पांडेय के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने से मौत होने की पुष्टि की गई है। पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।
समझौते को परिजनों पर बन रहा दबाव
देशप्रेमी के भाई इंद्रभान सिंह ने बताया कि कुछ फोन आ रहे हैं। समझौता करने की बात कही जा रही है। मेरे भाई की पत्नी तो वापस आ नहीं जाएगी। बच्चों से मां को दूर करने वालों को दंड मिलना ही चाहिेए। डॉक्टर की तरफ से कुछ लोगों को परिजनों के पास भेजना शुरू कर दिया गया है।
‘सबसे पहले पोस्टमार्टम कराना जरूरी था। वह हो गया है। अब परिजन तहरीर लेकर आएंगे, तो उनका तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।’
-देवेंद्र दुबे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक