अमृतपुर। गांव अमैयापुर पश्चिमी में जुकाम व बुखार से पीड़ित पांच वर्षीय बालक की झोलाछाप की दवा खाने के बाद हालत बिगड़ गई। रविवार देर रात परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने झोलाछाप पर गलत दवा ने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
थाना क्षेत्र के गांव अमैयापुर पश्चिमी निवासी किसान मिथलेश वर्मा का पांच वर्षीय पुत्र हार्दिक जुकाम-बुखार से पीड़ित था। इससे परिजनों ने रविवार दोपहर उसे गांव रतनपुर पमारान में एक झोलाछाप से दवा दिला दी। इससे उसे लाभ नहीं हुआ हालत और बिगड़ गई। इस पर परिजन शाम को फिर झोलाछाप के पास दवा दिलाने पहुंचे। वहां झोलाछाप ने बालक के इंजेक्शन लगा दिया।
कुछ ही देर बाद उसकी हालत नाजुक हो गई। तब परिजन देर रात उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मिथलेश वर्मा ने झोलाछाप पर गलत इलाज करने को आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने का भरोसा दिया है। मां बबली, भाई सिद्धार्थ व सैनिक रो-रोकर बेहाल हैं। थानाध्यक्ष मोनू शाक्या ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ के आदेश पर राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ.प्रमित राजपूत ने गांव रतनपुर पमारान पहुंचकर झोलाछाप की क्लीनिक को सील कर दिया। झोलाछाप के न मिलने पर उसके पिता को नोटिस देने के साथ दुकान पर भी एक नोटिस चस्पा कर दिया गया।(संवाद)