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Farrukhabad News: स्वास्थ्य विभाग ने किया बिजली ठेकेदार को करोड़ों का अनियमित भुगतान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल से लेकर सीएमओ कार्यालय तक कराए गए बिजली के कार्यों व खरीद में करोेड़ों का अनियमित भुगतान कर दिया गया। ऑडिट में मामला फंसने पर ठेकेदार के साथ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।



लोहिया अस्पताल में करीब चार वर्ष पूर्व बिजली संबंधी कार्यों के लिए टेंडर किया गया था। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान उसी ठेकेदार को सेंटिंग के चलते सीएमओ कार्यालय से भी उसी दर पर काम दे दिया गया। अनुबंध समाप्त होने के बाद भी फर्म को लाखों रुपये का काम मिलता रहा। सीएमओ कार्यालय से पांच वर्षों में कोई नया टेंडर नहीं किया गया। अनुबंध विस्तार के खेल में उसी फर्म से बिना टेंडर के बिजली उपकरणों के अलावा फर्नीचर व अन्य सामग्री खरीदकर स्टेट बजट से सीधे भुगतान होता रहा।
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बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने अपनी फर्म के अलावा शब्दों में हेरा-फेरी कर कई फर्जी बिल लगाकर भुगतान भी करा लिया। धीरे-धीरे यह भुगतान करोड़ों में पहुंच गया है। करीब तीन माह पहले सीएमओ कार्यालय से अनुबंध विस्तार के लिए फाइलें डीएम के पास भेजी गईं। इस पर डीएम ने टेंडर की मूल पत्रावली मांग ली थी। इससे सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई। टेंडर पत्रावली न मिलने से जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने अनुबंध विस्तार नहीं किया।
पांच दिन पूर्व ऑडिट टीम ने लोहिया अस्पताल व सीएमओ कार्यालय में बिजली ठेकेदार को फर्जी बिलों से भुगतान का मामला पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने अपनी फर्म के बिलों में शब्दों की हेरा-फेरी कर फर्जीवाड़ा किया है। स्टेट बजट खर्च की सही जांच हो तो खरीद में लाखों का घपला छिपा है। टेंडर पटल प्रभारी लिपिक राकेश चंद्र ने बताया कि एआरओ वसीम खां को उनका सहायक बनाया गया है। इससे टेंडर पत्रावली उन्हें सौंपी ही नहीं गईं।
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एआरओ वसीम खां ने बताया कि टेंडर पत्रावली उनके पास हैं। ऑडिट टीम ने अनियमित भुगतान व जीएसटी चोरी का मामला पकड़ा है। ठेकेदार पर कार्रवाई की तैयारी है। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि फर्जी बिल से भुगतान करने और जीएसटी जमा न करने के संबंध में ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने से कार्रवाई की जाएगी।
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