संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। 21 घंटे बाद गोताखोरों ने चित्रकूट डिप में बहे भांजे का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने मामा के शव का पोस्टमार्टम कराया। मामा भांजे की मौत से परिजनों का हाल बेहाल था। परिजन पुलिस व प्रशासन की व्यवस्था को लेकर दुहाई दे रहे थे।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव तुषौर निवासी सुधीर का पुत्र राजकुमार नवोदय विद्यालय मोहम्मदाबाद में पढ़ता था। वह सोमवार को पांच बजे जनपद उन्नाव तहसील सदर गांव अड़गापुर निवासी मामा पंकज के साथ बाइक से फर्रुखाबाद जा रहा था। अलीगढ़ डिप बाइक से पार करते समय मामा भांजे तेज बहाव में पानी में बह गए। गोताखोरों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद डूबे मामा पंकज का शव बाहर निकाल लिया था।
दूसरे दिन लगभग दो बजे गोताखोरों ने डूबे भांजे का शव बाहर निकाल लिया। पुत्र के शव को देखकर मां गुड्डी देवी, पिता सुधीर कुमार, दादी रानी देवी व बुआ रीतू का हाल बेहाल हो गया।
फोटो- 30,
मामा-भांजे की मौत के बाद जागा पुलिस व प्रशासन
एक सप्ताह पहले आईजी जोन प्रशांत कुमार ने राजेपुर बदायूं मार्ग पर चित्रकूट डिप पर आवागमन बंद करने के आदेश देकर मौके पर पुलिस की तैनाती की बात कही थी। उसके बाद भी राजेपुर एसओ दिवाकर प्रसाद सरोज ने वहां फोर्स तैनात नहीं की। नतीजतन सोमवार को मामा पंकज व भांजे राजकुमार की डिप के तेज बहाव में पानी में डूबने से मौत हो गई। मामा भांजे की मौत के बाद पुलिस व प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम संजय कुमार के आदेश पर चित्रकूट डिप पर दोनों ओर रस्सी बांधी गई। लाल झंडी लगाकर सभी को सर्तक रहने के निर्देश दिए हैं। दोनों ओर से आवागमन बंद कर दिया गया। एसपी विकास कुमार के आदेश पर डिप के दोनों ओर फोर्स भी लगा दी गई है। छोटे व बड़े वाहन का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।