फर्रुखाबाद। अधिकारियों की अनदेखी, ठेकेदार की मनमानी से नाराज आउटसोर्स कर्मियों ने बुधवार को प्लास और सीढ़ी डाउन कर दी। उपकेंद्रों पर धरना दिया। 33 व 11 केवी लाइनों के फाल्ट ठीक न करने से करीब 300 गांवों की बिजली दिन भर गुल रही। दोपहर बाद अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में ठेकेदार प्रतिनिधि और संगठन नेताओं के बीच वार्ता हुई। इसमें मानदेय देने के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी गई।
जिले के 38 विद्युत उपकेंद्रों पर आउटसोर्स से 587 कर्मचारी तैनात हैं। इन कर्मचारियों को रखने का ठेका भारत इंटरप्राइजेज कंपनी को एक मई को दिया गया था। दो माह गुजर जाने के बाद अभी तक फर्म के ठेकेदार ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में पहुंचकर अनुबंध नहीं किया और न किसी कर्मचारी को मानदेय दिया।
बार-बार मानदेय की मांग करने के बावजूद ठेकेदार ने अनसुनी कर दी। दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज आउटसोर्स कर्मचारियों ने बुधवार सुबह हड़ताल कर दी और विद्युत उपकेंद्रों पर धरने पर बैठ गए।
दिन में 12 बजे नीबकरोरी विद्युत उपकेंद्र का खिमसेपुर, धीरपुर और मदनपुर फीडर 11केवी लाइन में फाल्ट आने से बंद हो गया। इससे 50 गांवों की बिजली गुल हो गई। 33 केवी लाइन में फाल्ट से शमसाबाद विद्युत उपकेंद्र 11 बजे ठप हो गया।
इससे करीब 90 गांवों की बिजली चली गई। जहानगंज विद्युत उपकेंद्र के जहानगंज, ताजपुर, बहोरिकपुर फीडर की 11 केवी लाइन में फाल्ट आने से 80 गांवों की बिजली बंद हो गई। नवाबगंज, हजियांपुर, गंगापार क्षेत्र के फीडर बंद रहने से करीब 80 गांवों में बिजली संकट रहा।
बिजली बंद रहने की शिकायत आने पर अधिकारी परेशान हो गए। अधीक्षण अभियंता एसके श्रीवास्तव, एक्सईएन शहरी आरबी यादव, एक्सईएन ग्रामीण सुरेंद्र कुमार ने भारत इंटरप्राइजेज कंपनी के एरिया मैनेजर गौरव द्विवेदी और उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को बुलाकर वार्ता की। फर्म के एरिया मैनेजर ने दो दिन में सभी कर्मचारियों को दो माह का भुगतान करने और अनुबंध करने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के सामने वार्ता होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और काम पर लौट आए। शाम को फाल्ट ठीक कर गांवों की बिजली चालू की गई। संगठन के महामंत्री विष्णु सिंह, संयुक्त मंत्री सचिन वर्मा, अवनीश सिंह, विनोद कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।