किडनी की बीमारी से जुझ रहा था रवि
सलेमपुर निवासी रामशरन के 35 वर्षीय पुत्र रवि कुमार पिछले चार वर्षों से गंभीर किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। नियमित डायलिसिस के सहारे उनका जीवन चल रहा था। शुक्रवार की भोर करीब साढ़े चार बजे अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ी और पेट में असहनीय दर्द शुरू हुआ। परिजन उन्हें तुरंत निजी वाहन से फर्रुखाबाद अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में बघार नाला के पास रवि ने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं। जवान बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया।
पोते का शव देख दादी ने तोड़ा दम
अभी परिवार इस असीम दुख से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही घंटों बाद एक और वज्रपात हो गया। सुबह करीब सात बजे जब 78 वर्षीय दादी फूलश्री ने अपने पोते का शव घर पर देखा, तो उनका वृद्ध और कमजोर दिल इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका। वे गश खाकर जमीन पर गिर पड़ीं और जब तक परिजन उन्हें संभालते, उनकी भी सांसें थम चुकी थीं।
एक साथ उठीं दो अर्थियां
पोते की मौत का आघात दादी का जीवन भी छीन ले गया। कुछ ही पलों के भीतर पोते और दादी की एक साथ अर्थी उठने से पूरे गांव में मातम पसर गया है। पीछे छूटी पत्नी राखी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही घर में दो-दो पार्थिव शरीरों को देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और हर जुबान पर यही था कि विधाता ने इस परिवार पर यह कैसा कहर बरपाया है।