बुधवार रात गंगा की कटरी से गोवध के लिए लाए जा रहे पशुओं को देखकर खेतों पर रखवाली कर रहे ग्रामीणों ने पशु तस्करों को टोक दिया। यह देखकर तस्करों ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी। इससे ग्रामीण भागकर गांव पहुंचे और सूचना दी।
सूचना पर ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर कटरी मेें आए। गांव वालों को आता देख पशु तस्कर जानवरों को छोड़कर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर मिले करीब 300 गाय, बछड़ा व बैलों कोग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया।
गांव सिकंदरपुर अगू नगरिया निवासी अखिलेश मिश्र, रामबहादुर, भुनई, मुन्नालाल शाक्य, कल्लू गुरुवार की रात बूढ़ी गंगा किनारे स्थित खेतोें मेें सरसाें फसल की रखवाली कर रहे थे। रात करीब 2 बजे पटियाली की ओर से ग्रामीणों को गाय, बैल और बछड़ों का झुंड आता दिखाई दिया।
अपनी फसल की चिंता करते हुए ग्रामीण गंगा की कटरी की ओर आए और टार्च की रोशनी पशुओं की ओर लगाकर शोर मचाने लगे। यह देखकर पशु तस्करों ने ग्रामीणों की ओर फायर करना शुरू कर दिया। गोली चलते ही ग्रामीण भागकर गांव पहुंचे और वहां से 50-60 लोगों के साथ हाथों में लाठी डंडा लेकर कटरी आए। गांववालों को आता देखकर तश्कर पशुओं को छोड़कर भाग गए। गांव के लोग सभी पशुओं को लेकर गांव आए और घटना की पुलिस को सूचना दी।
गुरुवार सुबह सीओ नरेश कुमार, थानाध्यक्ष मुकेश यादव और सिवारा चौकी प्रभारी अनिल भदौरिया गांव पहुंचे और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। सीओ ने गांव नगला बीच, हनुमंता, सिकंदरपुर अगू, बढ़ार और जलालपुर समेत अन्य गांव के लोगों को गाय, बछड़ा व बैलों को उनके सुपुर्द कर दिया।
एसओ मुकेश यादव ने बताया कि करीब 300 पशु थे। इसमेें 260 पशु ग्रामीणों को दे दिए हैं। 40 बची गायों को फतेहगढ़ स्थित गोशाला में भेजा जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि यह पशु पटियाली की ओर से वध के लिए भरगैन लाए जा रहे थे।