फर्रुखाबाद। गांवों को 14 घंटा बिजली देने के मुख्यमंत्री की घोषणा को इमरजेंसी कटौती ग्रहण लगाने लगी है। इस कारण 150 गांवों में बिजली संकट हुआ है। उपकेंद्र के ओवरलोड होने के कारण ग्रामीणों को 14 घंटे की बजाए 6 घंटे बिजली नसीब हो रही है। इसमें लोकल फाल्ट और ट्रिपिंग के कारण अधिकांश समय बिजली गुल रहती है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांवों को 14 और शहरी क्षेत्र को 20 घंटे बिजली दिए जाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के तहत शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई दिए जाने को रोस्टर लागू हुआ।
भोलेपुर बेवर रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र से लगभग 150 गांवों को बिजली ढिलावल, कीरतपुर, मंडल और याकूतगंज फीडर के माध्यम से दी जाती है। इसके लिए रात 11.45 से सुबह 8.45 बजे तक और दोपहर 2.15 से 6.15 बजे तक बिजली सप्लाई दिए जाने का रोस्टर जारी हुआ। इमरजेंसी कटौती होने से गांवों को बिजली सप्लाई दिए जाने का रोस्टर धड़ाम हो गया।
27 अप्रैल को भोलेपुर विद्युत उपकेंद्र को ट्रांसमिशन से 14 घंटे की बजाए 11 घंटे बिजली दी गई। उपकेंद्र से ढिलावल फीडर से 6 घंटे, कीरतपुर फीडर से 6.30घंटे, मंडल फीडर से 5.30 घंटे और याकूतगंज फीडर से 6.20 घंटे ग्रामीणों को सप्लाई हुई।
इसमें भी अधिकांश समय बिजली लोकल फाल्ट और ट्रिपिंग के कारण गायब रहीं। बुधवार की रात 11.45 बजे ट्रांसमिशन से उपकेंद्र को बिजली मिलने पर चारों फीडर से आपूर्ति शुरू की गई।
रात 3.30 बजे ट्रांसमिशन से बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसके बाद गुरुवार की सुबह 6.25 पर ट्रांसमिशन से बिजली मिलने पर सप्लाई ग्रामीण इलाकों को 8.45 बजे तक दी गई। इसके बाद 2.15 पर ट्रांसमिशन से बिजली मिलने पर ग्रामीण इलाकों को बिजली सप्लाई शुरू हुई।
उपकेंद्र की मशीने ओवर लोड होने के कारण बिजली सप्लाई शुरू करने 15 मिनट पर फाल्ट से ट्रिपिंग आने से फीडर बंद होते रहे। इस कारण गुरुवार की दोपहर ग्रामीण इलाकों को बिजली सप्लाई नहीं हो सकी।
अवर अभियंता सतेन्द्र कुमार ने बताया कि बिजली कम मिलने के कारण उपकेंद्र ओवर लोड हो गया है। इस कारण बिजली सप्लाई देने में दिक्कत हो रही है। इस संबंध में एक्सईएन ग्रामीण अमर सिंह और एसडीओ को अवगत करा दिया गया है।