फर्रुखाबाद। सुबह बाजार खुलने से पहले कूड़ा उठने के नगर विकास मंत्री के आदेशों का पालिका पर कोई असर नहीं है। एक-एक सप्ताह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
यही नहीं दोपहर में मुख्यमार्ग से गुजरने वाले कूड़े भरे वाहनों की वजह से अक्सर जाम लग रहा है। इससे शहरवासी परेशान हैं। शासन के निर्देश पर चल रहा संचारी रोग नियंत्रण अभियान कागजों में सिमट गया है। इसका सच शहर में लगे कूड़े के ढेर बयां कर रहे हैं।
शहर के अंदर कई ऐसे डलावघर हैं, जहां एक-एक सप्ताह कूड़ा नहीं उठाया जाता। ठंडी सड़क उद्योग केंद्र के पास दो-तीन दिन बाद कूड़ा उठ रहा। यही नहीं मऊदरवाजा थाने से छोटी कांशीराम कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर एक-एक सप्ताह बाद ही कूड़ा उठाया जाता है।
इसी तरह रेलवे स्टेशन से बजरिया मार्ग, नौलक्खा पुलिया के पास, भीकमपुरा नाले के पास आदि ऐसे स्थान हैं, जहां दो-तीन दिन बाद ही ट्रैक्टर-ट्रॉली कूड़ा उठाने आती है। इस दौरान राहगीर सड़ांध से बेहाल रहते हैं।
कूड़ा उठाने की लेटलतीफी ऐसी कि हर दिन शाम चार बजे तक कूड़ा भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शाम चार बजे तक व्यस्त सड़कों पर निकलती रहती हैं। इसका खामियाजा जाम में फंसकर लोगों को भुगतना पड़ता है।
सोमवार दोपहर करीब दो बजे लालगेट, घुमना, चौक, पक्कापुल, तहसील तिराहा होकर जा रही एक कूड़ा भरी ट्रैक्टर ट्रॉली ने कई स्थानों पर जाम लगाया।
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ब्रजेंद्र सिंह ने कहा कि त्योहार पर घरों की सफाई की वजह से अतिरिक्त कूड़ा निकलता है। यदि कई-कई दिन कूड़ा नहीं उठता तो वाहन प्रभारी विनय कश्यप से जवाब मांगेंगे। हर हाल में समय पर कूड़ा उठना चाहिए।