फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट संदीप तिवारी ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी को पांच वर्ष की सजा सुनाई। दस हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
तत्कालीन थानाध्यक्ष कंपिल नौरंगी लाल ने गांव भैंसरी निवासी रतीराम, रामू, दुर्योधन, सुरेंद्र, शीशराम पर 28 मार्च 2004 को गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि यह लोग आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर धनअर्जित कर रहे हैं। क्षेत्र में इन लोगों के भय के कारण कोई भी बयान देने से घबरा रहा है।
विवेचक ने जांच पड़ताल के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रतीराम व रामू की मौत हो गई। दुर्योधन व सुरेंद्र की फाइल को पृथक कर दिया गया। मुकदमे की सुनवाई कर रहे गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र तिवारी ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर शीशराम को दोषी करार देकर पांच वर्ष की सजा सुनाई। दोषी को दस हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए हैं।