अमृतपुर। गंगा का जलस्तर उफान पर होने से एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे रास्तों में पानी भरने से छह गांवों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीण नाव या पानी से होकर निकलने के लिए मजबूर हैं।
गंगा का जलस्तर 136.80 मीटर से 10 सेंटीमीटर बढ़कर 136.90 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 सेंटीमीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, खतरे का निशान 137.10 मीटर होने से मात्र 20 सेंटीमीटर दूर रह गया है। रविवार को नरौरा बांध से गंगा में 68957 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र करीब 30 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे रास्तों में पानी भरने से गांव आशा की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया, सैदापुर, मंझा, रामप्रसाद नगला, कालिका नगला, सुंदरपुर, ऊगरपुर , हरसिंहपुर कायस्थ, नगला दुर्गू, बरुआ के ग्रामीणों का रास्ता बंद हो गया है। ग्रामीण नाव या पानी से होकर निकल रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में उतार-चढाव से करीब डेढ़ माह से अधिक समय से बाढ़ का संकट झेल रहे हैं। अब तो दो वक्त की रोटी के भी लाले पड़ने लगे हैं। तहसील प्रशासन द्वारा बांटी गई राहत सामग्री भी समाप्त हो चुकी है। पशुओं के चारे की भी समस्या बरकरार है।
रामगंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटकर 134.90 मीटर से 134.75 मीटर पर आ गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से रामगंगा में 8699 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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मुख्य मार्ग पर बढ़ रहा पानी, धार में बह रहे बंधा
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शाहजहांपुर-शमशाबाद मुख्य मार्ग पर दो फीट से ऊपर पानी बह रहा है। इससे जान जोखिम में डालकर राहगीर निकल रहे हैं। वहीं क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने 1.55 करोड़ से बंधा व तटबंध बनाया। गुणवत्तापूर्ण काम न होने से पहले वर्ष ही बंधा गंगा की धार में बहता दिखाई दे रहा है। करीब 20 मीटर से अधिक तटबंध धार में बह चुका है। प्रधान की शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी तटबंध देखने नहीं पहुंचा। गांव पैलानी दक्षिण, चौरा, गुटैटी दक्षिण, कटरी तौफीक, अजीजाबाद, अचानकपुर, नगरिया, रूपपुर मंगलीपुर आदि गांव बाढ़ की चपेट में है। (संवाद)
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दिक्कतें बढ़ीं
कंपिल। गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों में दिक्कतें बढ़ गई हैं। क्षेत्र में आठ गांवों में पानी भरा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। बाढ़ प्रभावित गांव सिंघनपुर, पुंथर देहामाफ़ी, कारव, इकलहरा, शेखपुर, गंगपुर, बिहारीपुर, मधवापुर सहित 11 गांव की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है। इससे बाढ़ पीड़ित अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं। रास्ते में पानी भरा होने से गांव मधवापुर के ग्रामीणों का आवागमन बंद है, वहीं गढ़ी, पथरामई, हिमायूं नगला के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव टपुआ चौड़ेरा में पुलिया के ऊपर चल रहा है। इससे बच्चे उसी पानी से होकर पांच किमी दूर पढ़ने जाते हैं। 700 की आबादी वाले गांव में कोई स्कूल नहीं है। (संवाद)