अमृतपुर। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर दूर रह गया है। इससे पांच गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। खेतों में फसलें जलमग्न होने से जानवरों के लिए चारे की दिक्कत बढ़ गई है।
नरौरा बांध से बुधवार को गंगा में 49,077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जलस्तर 136 मीटर से बढ़कर 136.35 मीटर पर पहुंच गया। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया, करनपुर घाट, गौटिया आदि के पास पानी पहुंच गया।
हजारों बीघा खेतों में पानी भर गया है। एसडीएम ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा। बाढ़ का अभी कोई खतरा नहीं है।
कमालगंज। जंजाली नगला गांव में गंगा की कटान लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। इससे 30 परिवार बेघर हो चुके हैं। किसी ने बाग में पॉलिथीन तानकर बसेरा बनाया, तो कुछ ने गांव की खाली जगह में झोपड़ी बनाकर सामान बचाया है। बिजली गुल होने से लोग अंधेेरे में समय गुजार रहे हैं।
कस्बे से दो किलोमीटर दूर गंगा के मुहाने पर बसे गांव जंजाली नगला में पिछले माह से कटान हो रही है। आठ मकान गंगा में समा चुके हैं।
मंगलवार रात करीब 11 बजे पैरों से दिव्यांग नन्हीं देवी का मकान गंगा में समाना शुरू हुआ, तो परिजनों बमुश्किल जान बचाई।
तेज आवाज से गांव में भगदड़ मच गई। कटान की जद में आने से लालाराम, बबलू, राधेश्याम, महाराम, रामश्री, आकाश, जगदीश, विश्राम, सुदामा, श्यामलाल, भारत, संजीव सामान निकालकर मकान तोड़ने में लगे हैं।
बहोरनपुर टप्पाहवेली में बने सचिवालय की सड़क कट गई। इससे रास्ता बंद हो गया। कूड़ा निस्तारण केंद्र के टिनशेड में बबलू की पत्नी व सोनपाल ने गृहस्थी का सामान रख लिया।
कटान और बारिश से लोगों को खाने-पीने का संकट है। प्रधान प्रमोद यादव ने बताया कि गांव में 61 परिवार हैं। उनमें से 30 बेघर हो गए।
अधिकारियों की अनुमति पर ग्राम निधि से अस्थाई घर बनाने के लिए पॉलिथीन का वितरण करेंगे। लेखपाल अभय त्रिवेदी व कानूनगो सैदमीर गांव पहुंचे।