फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश नरेंद्र प्रकाश ने किशोरी के अपहरण में ग्रामीण को दोषी करार दिया है। 27 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। हत्या के जुर्म में आरोप साबित नहीं हो सका। सिद्ध न होने पर बरी कर दिया है।
शहर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति की 17 वर्षीय पुत्री का तीन फरवरी 2003 को रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद के पास से अपहरण हो गया था।
उसका शव कानपुर झांसी पैसेंजर में कालपी रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन बाद मिला था। पिता ने कमालगंज के गांव सरायमेदा निवासी अल्लाह रक्खा, शास्त्री नगर निवासी कैफूल व एक किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच कर अपहरण व हत्या में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अल्लाह रक्खा की मौत हो गई, किशोर की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।
कैफूल के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह, अभिषेक सक्सेना ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने कैफूल को हत्या के जुर्म में दोषमुक्त दिया, लेकिन अपहरण के जुर्म में दोषी करार दिया है।