संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर (सेमी.) घटने के बावजूद खतरे के निशान से ऊपर है। इससे ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकरार हैं। बाढ़ से धान की फसल नष्ट हो चुकी है, वहीं गन्ने की फसल भी बर्बादी की कगार पर है।
गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद खतरे के निशान से पांच सेमी. ऊपर 137.15 मीटर पर है। गंगा में नरौरा बांध से एक लाख 44582 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गांव में भरा पानी अभी कम नहीं हुआ है। रास्ते पर पानी घटने लगा है। कई गांव का आवागमन बंद है। इमादपुर सोमवंशी को जाने वाले मार्ग पर बरुआ के सामने सड़क कटने से बाइक नहीं निकल पा रही हैं। ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ , सुंदरपुर,कछुआ रामपुर, जोगराजपुर, आशा की मड़ैया, सैदापुर आदि गांव में पानी भरा होने से नाव चल रही है।
घरों में जलभराव से लोग छत व सड़क के किनारे रह रहे है। बारिश से परेशानी और बढ़ गई। खुले में रखा सामान पाॅलीथीन डालकर बचा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से सब कुछ बर्बाद हो गया। धान की फसल नष्ट हो चुकीं हैं। कई दिनों से पानी भरा होने से गन्ने की फसल भी खराब होने लगी है। रामगंगा का जलस्तर 135.40 मीटर से 10 सेमी घटकर 135.30 मीटर पर आ गया। रामनगर से 1127 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
पुलिस गायब, जान जोखिम में डाल कर निकल रहे वाहन
बदायूं मार्ग चित्रकूट डिप पर बाढ़ के पानी की तेज धार चल रही है। 24 जुलाई को डिप पर दो लोगों की डूबकर मौत हो गई थी। इसके बाद राजेपुर थानाध्यक्ष ने राहगीरों को रोकने के लिए पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। डीआईजी ने भी छोटे वाहनों को न निकलने देने के आदेश दिए थे। एक दिन ही पुलिस दिखाई दी। अब चित्रकूट फिर से यहां छोटे वाहन, बाइक सवार निकलने लगे है। इससे हादसे की आशंका बनी है।
डूबने से 11 लोगों की जा चुकी जान, आश्रितों को मिली सहायता
तहसील क्षेत्र में अब तक बाढ़ के पानी में डूबने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने सात मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की सहायता दिलाई। तहसीलदार ने बताया कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव उखरा के सूरज कुमार की जोगराजपुर में डूबने से मौत हुई थी। महमदपुर गढि़या के हरिबक्स सिंह, मिश्रन पुरावा के अर्पित, सिकंदरपुर के कमलेश, भरखा के विमल कुमार, अलापुर के पंकज व अमृतपुर के अजय कुमार के आश्रितों के खातों में सहायता राशि भेजी गई है। दो शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। दो की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
1350 राहत पैकट की भेजी मांग
तहसील क्षेत्र में 3543 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी जा चुकी है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने एडीएम को पत्र भेजकर 1350 पैकट राहत सामग्री भेजने की मांग की है।
गंगा के कटान से किसानों के मकान कटे
शमसाबाद। थाना क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार निवासी पप्पू का गंगा की धार में पक्का मकान कटना शुरू हो गया है। एक दीवार गिरकर गंगा में समा गई। इससे पप्पू ने दीवारें तोड़कर ईंट नाव से शाहजहांपुर-शमशाबाद पर सुरक्षित स्थान पर लगाने लगे। वहीं गांव के अतीक का मकान कटने लगा है। कई ग्रामीणों की झोपड़ी गंगा में समा गईं। चितार के लोग बाजार करने नाव से आए। बाढ़ पीड़ितों ने बताया घरों में भरा पानी है।