संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। बार काउंसिल के आदेश पर वकील ने बसपा नेता डॉ.अनुपम दुबे, पूर्व महासचिव संजीव पारिया, चीनू सहित 15 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें अनुपम की गिरफ्तारी पर व न्यायिक अधिकारी का विरोध कर अवैध रूप से हड़ताल करने, बार एसोसिएशन का साढ़े पांच करोड़ का घोटाला, वकील पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला नवाब न्यामत खां निवासी वकील राजीव कुमार बाजपेई ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के आदेश पर एसपी विकास कुमार को प्रार्थना पत्र देकर फतेहगढ़ कोतवाली में बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे, बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव संजीव पारिया, वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू व 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
इसमें आरोप लगाया कि 9 फरवरी 2019 को बार काउंसिल उत्तर प्रदेश ने पूर्व महासचिव संजीव पारिया, प्रदेश स्तर के अपराधी वकील डॉ अनुपम दुबे व वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू को डिबार घोषित कर देश के किसी न्यायालय में बतौर अधिवक्ता काम करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद भी संजीव पारिया धोखाधड़ी कर वकील बनाकर काम करते रहे। अनुपम दुबे की गिरफ्तारी होने पर संजीव पारिया व उनके साथियों ने अवैध रूप से कचहरी में हड़ताल कर न्यायिक काम बाधित किया।
कचहरी में भय का माहौल रहा और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गई। इसके बाद न्यायिक अधिकारी का विरोध कर हड़ताल कर कार्य बाधित किया। पांच मार्च 2019 को कोर्ट में नाजायज असलहे, गोलाबारूद लेकर आए और सुरक्षा व्यवस्था को भंग कर दिया। इस दौरान वकील राजीव कुमार बाजपेई की हत्या करने साजिश रचकर मारने का प्रयास किया। संजीव पारिया व उनके साथी पहले भी न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घटना कर चुके हैं।
इस संबंध में कई बार प्रार्थना पत्र देकर शिकायतें की गई थीं। 15 जुलाई को शिव प्रताप उर्फ चीनू ने जान से मारने की धमकी दी थी। 21 अगस्त को राजीव बाजपेई ने बार कांउसिल में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। बार काउंसिल ने सुनवाई कर पूर्व महासचिव संजीव पारिया व वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू को 15 वर्ष के लिए डिबार कर दिया और बार का चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए।
अवमानना करने पर मुकदमा दर्ज करने के संबंध में जिला जज, डीएम व एसपी को प्रार्थनापत्र भेजा था। आरोप लगाया कि बार का साढ़े पांच करोड़ रुपये का गबन कर लिया है। अभी भी बार एसोसिएशन पर कब्जा कर अनुपम दुबे सहित अन्य लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। कोतवाल सचिन कुमार सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे की विवेचना अपराध इंस्पेक्टर कमलेश कुमार कर रहे हैं।