अमृतपुर। गंगा का जलस्तर 35 सेमी बढ़ने से चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर के करीब 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ का पानी पीएचसी के पास आने से दवाएं निकालकर सड़क के किनारे एक घर में रखी गईं। करनपुर घाट में कटान होने से ग्रामीण भयभीत हैं। शमसाबाद क्षेत्र में बाढ़ से एक झोपड़ी कटकर गंगा की धारा में समा गई।
गंगा में नरौरा बांध से 58541 क्यूसेक व रामगंगा में खो, हरेली, रामनगर में 7532 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र पांच सेमी दूर रह गया है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 35 सेमी बढ़कर 136.20 मीटर से 136.55 मीटर पर पहुंच गया। जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। जलस्तर बढ़ने से करनपुर घाट में कटान तेजी से होने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी खेतों का कटान हो रहा है। गांव के पास ही कटान होने से घरों पर भी खतरा बढ़ गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर के पास बाढ़ का पानी आ जाने से फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री ने दवाइयां बैलगाड़ी में भरकर सड़क किनारे एक घर में रखवाईं।
फार्मासिस्ट ने बताया है कि रात तक अस्पताल में पानी भर जाएगा। इससे मरीजों व स्टाफ को आने में दिक्कत होगी। इसीलिए दवा निकाल कर ले जा रहे हैं। रामपुर, जोगराजपुर, सबलपुर, सुंदरपुर, फुलहा, माखन नगला, मिशन नगला आदि गांव के पास खेतों में पानी भरा है।
बाढ़ आने की आशंका से ग्रामीण घरों में खाद्य सामग्री का पूरा इंतजाम करने में जुटे हैं। रामगंगा का जलस्तर 40 सेमी बढ़ा है। इससे जलस्तर 135.35 से 135.75 मीटर पर पहुंच गया है। तहसीलदार करमवीर सिंह ने बताया कि अभी किसी गांव में बाढ़ की स्थिति नहीं है और न ही कोई समस्या है। सभी लेखपालों को क्षेत्र में रहने के साथ बाढ़ संबंधी सूचना देने के आदेश दिए गए हैं।
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स्कूल में भरा पानी, भगवान की शरण में बच्चे
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पांचाल घाट बंधा पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे बच्चों व शिक्षक को परेशानी होने लगी है। इस विद्यालय में 99 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रति दिन करीब 60 से 70 बच्चे पढ़ने आते हैं। विद्यालय में पानी भरने से शिक्षण कार्य प्रभावित होने लगा। प्रधानाध्यापिका मनीषा द्विवेदी ने पास में ही बने हनुमान मंदिर में बच्चों को बैठाकर शिक्षण कार्य करा रही हैं। बच्चों को दोपहर में मिलने वाला भोजन रसोइया के घर पर बनवाया जा रहा है। विद्यालय गड्ढे में बना होने से हर साल बाढ़ का पानी भर जाता है। इससे तीन से चार महीने के लिए भगवान के मंदिर में ही विद्यालय चलता है। (संवाद)
गंगा के कटान में बही गरीब की झोपड़ी
शमसाबाद। गंगाजल स्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव समैचीपुर में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे कई घरों में पानी भरने से ग्रामीणों ने सामान अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं, गांव के बसरुद्दीन की झोपड़ी गंगा के कटान से धार में बह गई। गांव में बाढ़ का पानी बढ़ने से लोग परिवार सहित सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। (संवाद)