फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा व रामगंगा की बाढ़ ने उड़ाई नींद

Wed, 15 Jul 2015 11:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा और रामगंगा की बाढ़ के प्रकोप ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। हालांकि ब्लाक शमसाबाद में गंगा का जलस्तर गिरा है पर कटान बंद नहीं हुआ है। रामगंगा के जलस्तर में कोई गिरावट नहीं आई है। इसके चलते अमृतपुर तहसील के गांव अलादपुर भटौली में गंगा नदी ने खेतों का कटान शुरू कर दिया है। गंगा नदी गांव से करीब 10 मीटर की दूरी पर बह रही
विज्ञापन


है। बाढ़ का पानी तो गांव के अंदर तक घुस आया है। गंगा और रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा और बढ़ा। बाढ़ को देखते हुए राजेपुर, शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र और अमृतपुर तहसील क्षेत्र के ग्रामीण भयभीत। पेश है अमर उजाला की ग्रामीण इलाकों से पड़ताल करती रिपोर्ट-

ऊगरपुर में ग्रामीण तोड़ रहे पक्के मकान
गंगा का जलस्तर भले ही कुछ कम हुआ पर कटान अभी जारी है। ग्राम सभा ऊगरपुर में गांव के किनारे गंगा नदी का पानी बहने लगा है। ग्रामीणों के खेत भी कट गए हैं। बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीण पक्के मकानों को तोड़कर पलायन करने लगे हैं।
विज्ञापन


ग्राम सभा ऊगरपुर में गंगा नदी ने खेतों का कटान करना शुरू कर दिया है। रामबहादुर और हरीराम ने बताया कि उनके 10-10 बीघा और रामानंद ने बताया कि उसका 11 बीघा खेत कट गया है। गांव के किनारे ही गंगा नदी बह रही हैं। इसके चलते गृहस्थी का सामान समेटकर पलायन करना शुरू कर दिया है। बाढ़ को देखते हुए मौदू और दिवारीलाल पक्का मकान

तोड़ने लगे हैं। इन्होंने बताया कि परिवार के लोगों और गृहस्थी का सामान गांव पट्टिया में छोड़ आए हैं। बाढ़ में कहीं मकान न बह जाए, इसलिए उसे तोड़कर ईंटों को भी ले जाएंगे। बुधवार को लेखपाल विकास दीक्षित गांव आए और उन्होंने

ग्रामीणों से कहा कि वह लोग प्राथमिक विद्यालय ऊगरपुर के पास खाली पड़ी जमीन पर जाकर रहें। वहीं ग्राम सभा कटरी तौफीक में कटान अभी भी जारी है। मकान तोड़ रहे श्रीकृष्ण ने बताया कि कम से कम ईंटें तो बचा ही लें। गांव में आठ-दस परिवार ही रह गए हैं। बाढ़ को देखते हुए इन लोगों ने भी गृहस्थी का सामान बांधना शुरू कर दिया है।

गांव से करीब 10 मीटर दूर बह रही रामगंगा
रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का पानी तहसील क्षेत्र के गांव अलादपुर भटौली में घुस आया है। ग्रामीणों के मकानों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रामगंगा भी गांव से करीब 10 मीटर की दूर बह रही हैं। लोगों के घरों की दीवार को बाढ़ का पानी छू रहा है। बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीण रात जागकर काटने को मजबूर हैं। लेखपाल ने ग्रामीणों से

गांव खाली करने को कहा। ग्रामीण गांव खाली करने को तैयार नहीं हैं। गांव अलादपुर भटौली में महावीर, मोरपाल और अमर सिंह के घरों की दीवार तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी घुस आया है। पर अभी कटान करीब 10 मीटर दूर हो रहा है। मकान तभी खाली करेंगे, जब गांव का कटान शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि

बाढ़ के चलते रात जागकर काटनी पड़ रही है। बुधवार को लेखपाल राजीव पांडेय अलादपुर भटौली पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से गांव खाली करके बाढ़ शरणालयों में जाने के लिए  कहा। अभी तक किसी भी ग्रामीण ने मकान खाली करना

शुरू नहीं किया है। शिवरतन, राजेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, जितेंद्र, अशोक कुमार, हंसराज, जयपाल और रामरतन आदि ग्रामीणों का कहना है कि अभी मकान खाली नहीं करेंगे। कटान शुरू होने पर ही मकान खाली करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन अगर पहले ही अलादपुर भटौली में धारा मोड़ने का कार्य शुरू करवा देता तो बाढ़ से नहीं जूझना पड़ता।

तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया दौरा
तहसीलदार ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। गंगा सोता नाला में पानी भरने से उन्होंने दो नावें चलवाने के निर्देश दिए।तहसीलदार आरपी चौधरी ने गांव कुडऱी सारंगपुर, करनपुर घाट, बनासीपुर, हमीरपुर, नगला माखन और

फकरपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अभी तक इन गांवों में न तो बाढ़ का पानी पहुंचा है और न ही कटान शुरू हुआ है। बताया कि गंगा सोता नाला में पानी भरने के चलते मंझा गांव जाने के लिए दो नाव चलाने के निर्देश दिए हैं। इसी से ग्रामीण आवागमन कर रहे हैं। यात्रियों के लिए जिला प्रशासन ने नाव की मुफ्त व्यवस्था की है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें