गंगा और रामगंगा घटीं, कटान तेज
अमृतपुर/शमसाबाद। बांधों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने से गंगा और रामगंगा के जलस्तर में गिरावट होने लगी है। रविवार को रामगंगा का पानी पांच सेंटीमीटर कम होने से जलस्तर 136.45 से घटकर 136.40 मीटर पर आ गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.55 से घटकर 134.50 मीटर पर आ गया है। इसके बाद तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गई है।
इससे गांव के लोग परेशान है। एसडीएम कायमगंज व तहसीलदार ने शमसाबाद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। प्रधान व ग्रामीणों से समस्याओं की जानकारी ली।
रविवार को गंगा में नरौरा बांध से 36447 क्यूसेक और रामगंगा में 4080 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
दोनों नदियों के जलस्तर में कमी आई है। गंगा के घटने से गांव हरसिंहपुर कायस्थ में भरा पानी निकलने लगा है, लेकिन अभी रास्ते में पानी भरा है। इस कारण गांव के लोगों को अभी भी नाव से आवागमन करना पड़ रहा है।
गांव कुड़री सारंगपुर, अचानकपुर, कंचनलपुर सबलपुर, ऊगरपुर, चाचूपुर जटपुरा, गौटिया, लायकपुर, नगरिया जवाहर में कटान तेज हो गई है। इन गांवों के लोगों के खेत कट कर गंगा में समा रहे हैं। रामगंगा की तेज धारा से अलादपुर भटौली में सबसे ज्यादा कटान हो रही है।
कोलासोता गांव में भी खेत कट कर गंगा की धारा में समा रहे है। कटान की रफ्तार देखकर गांव के लोग परेशान है। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गांव समैचीपुर चितार व पैलानी दक्षिण में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी भर गया था जो अब निकल गया है। इन गांवों में गंगा की तेज धार से कटान हो रही है।
एसडीएम कायमगंज व तहसीलदार भूपाल सिंह ने रविवार को दोनों गांवों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने समैचीपुर चितार के प्रधान के पति याशीन से कहा कि अगर जलस्तर बढ़ता है और गांव में पानी भरने लगे तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की जाए। गांव पैलानी दक्षिण में एसडीएम को गांव के लोगों ने समस्याएं बताईं। उन्होंने बताया कि लगातार कटान होने के कारण जमीन खो रहे हैं। इस कारण सुरक्षित स्थान पर रहने को जमीन दिलाई जाए।