फर्रुखाबाद (अमृतपुर )। शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग कई जगह जलभराव व कटने से कभी भी आवागमन ठप होने की स्थिति में है। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को 60 सेंटीमीटर बढ़कर फिर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर पहुंच गया है। डेढ़ दर्जन गांवों में पानी घुसने के साथ सड़कों पर पानी बह रहा है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 136 मीटर से 60 सेंटीमीटर बढ़कर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बांध से गंगा में एक लाख 7417 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने से गंगा के किनारे बसे गांव के लोगों की दिक्कतें भी बढ़ने लगी हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंचनपुर सबलपुर में करीब डेढ माह से बाढ़ का पानी भरा है। डाॅक्टर व कर्मचारी सड़क पर बैठकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।
आशा की मड़ैया को जाने वाले रास्ते पर फिर पानी भर गया है। गांव सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, उदयपुर, आशा की मड़ैया, नगरिया, जवाहपुर, गैटिया, कुबेरपुर, रतनपुर, हरिसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम की मड़ैया आदि गांव में बाढ़ का पानी भरने लगा है। इससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। तीसराम की मड़ैया को जाने वाली सड़क कट जाने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। कटी सड़क पर तेज धार से पानी बहने लगा है।
रामगंगा का जलस्तर 134.90 मीटर 10 सेमी से कम होकर 134.80 मीटर पर आ गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 7797 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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शमसाबाद-शाजहांपुर मुख्य मार्ग 10 मीटर टूटा
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शाहजहांपुर-शमशाबाद मुख्य मार्ग गांव चौरा के सामने करीब 10 मीटर टूट गया है। दूसरे स्थान पर करीब 70 मीटर सड़क के ऊपर पानी बह रहा है। राहगीर जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से कभी भी आवागमन बाधित हो सकता है। गांव कमथरी, कटरी तौफीक, अचानकपुर, परसादी की मड़ैया, समैचीपुर चितार, कासिमपुर सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। गांव पैलानी दक्षिण, अचानकपुर, साधौ सराय, अज़ीज़ाबाद, गुटैटी दक्षिण, नगरिया दिलावरगंज सहित कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे आवागमन के लिए सिर्फ नाव ही सहारा बनी है। गांव कटरी तौफीक में सड़क पर बनी पुलिया भी टूटने से आवागमन बंद हो गया है। (संवाद)
पौधे भरी ट्राॅली दलदल में फंसी
कंपिल। क्षेत्र के गांव मधवापुर के वन क्षेत्र में लगाने के लिए पौधे लाए जा रहे थे। कच्चे रास्ते में बाढ़ का पानी भरा होने से ट्रॉली दलदल में फंस गई। मजदूरों ने पौधे उतारकर वन क्षेत्र में पहुंचाए। गांव इकलहरा में घरों में पानी घुस गया है। खेत जलमग्न होने गन्ने की फसल पीली होकर खराब होने लगी है। पशुओं के लिए चारे की किल्लत है। गांव पथरामई, कारव, पुंथर देहामाफी, हमीरपुर मजरा जात, टपुआ चौड़ेरा, सिंघनपुर, नसरुल्लापुर आदि गांवों के रास्तों पर पानी भरने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। (संवाद)