फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद में पेंशनरों के एरियर भुगतान में बड़ा खेल सामने आया है। कई पेंशनरों को गुपचुप तरीके से उनकी निर्धारित रकम से लाखों रुपये अधिक भुगतान कर दिए गए। कुछ पेंशनरों से समझौता नाकाम रहा, तो उनसे हर माह कटौती शुरू कर दी। इससे पेंशनर परेशान हो गए। सभासद की शिकायत पर संबंधित पटलों के दो लिपिकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बताया जाता है कि बिना किसी जांच पड़ताल के ही 15 से अधिक कर्मियों के एरियर में लाखों रुपये अधिक भुगतान किए गए हैं। अधिक भुगतान होने के बाद कटौती के नाम पर पटल पर पेंशनरों की हाजिरी लगवाई गई। जिन पेंशनरों ने पटल पर संपर्क नहीं किया उनकी पेंशन राशि से पांच-पांच हजार रुपये से अधिक की कटौती शुरू कर दी गई। इससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया।
वार्ड 23 के सभासद नौशाद अहमद ने इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए अधिशासी अधिकारी से शिकायत की। मामले की गंभीरता देखते हुए ईओ ने कार्यालय अधीक्षक जितेंद्र कुमार मिश्र को संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा। कार्यालय अधीक्षक ने पेंशन लिपिक शरद बाजपेई और पटल का काम देखने वाले दुर्गेश दत्त शुक्ला पांच बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा।
अधीक्षक ने कहा कि जब पालिकाध्यक्ष ने पेंशन पटल पर शरद बाजपेई को तैनात किया है, तो दुर्गेश दत्त शुक्ला किसके आदेश से यह पटल संपादित कर रहे थे। पेंशन पटल पर हुई गड़बड़ी की जांच शुरू होने से हड़कंप मच गया है।
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निष्पक्ष जांच हुई तो निकलेगा बड़ा घोटाला: नौशाद
शिकायतकर्ता सभासद नौशाद अहमद ने बताया कि पेंशन पटल पर लाखों रुपये का खेल हुआ है। यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो बड़ा घोटाला निकलेगा। अभी तक उन्हें जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के किसी भी पेंशनर की पेंशन से कटौती नहीं की जा सकती।
-अधिशासी अधिकारी के आदेश पर पेंशन पटल के दो लिपिकों से पांच बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
-जितेंद्र कुमार मिश्र, कार्यालय अधीक्षक, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद।