गणपति बप्पा विघ्न हरने के लिए आ रहे हैं। शहर भी गजानन की अगवानी के लिए
पूरे जोश और खरोश के साथ तैयार है। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर सभी जगह
तैयारियां अंतिम दौर में हैं। शहर में इस बार तकरीबन 125 जगह गणेश
महोत्सवों का आयोजन किया जाएगा। कानपुर और आगरा से भगवान गणेश की
प्रतिमाओं के लाने का सिलसिला शुरू हो
गया है। 5 से 6 फीट की भगवान गणेश
की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। 17 सितंबर को सुबह 6.45 बजे प्रतिमा
स्थापना का विशेष शुभ लग्न है। इसके बाद सुबह 9 बजे तक प्रतिमा स्थापना का
शुभ मुहुर्त रहेगा। इस बार गणेश चतुर्थी पर्व स्वाति नक्षत्र में है। इसके
शुभ होने से गणपति सुख और शांति लेकर आ रहे हैं।
17 सितंबर को गणेश
चतुर्थी का पर्व है। गणपति पांडालों के लिए तैयारियां इन दिनों तेजी पर
हैं। पहली बार गणेश प्रतिमा की स्थापना करने वाले युवा खासे जोश में
हैं। कांच वाले मंदिर नाला मछरट्टा में इस बार 3चौथा गणेश महोत्सव धूमधाम
से मनाया जाएगा। श्री मंगला गौरी सेवा समिति के अध्यक्ष अनूप चौरसिया कहते
हैं कि कांच वाला मंदिर में चतुर्थ
गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
कानपुर से पांच फीट की प्रतिमा को एक-दो दिन में मंगवा लिया जाएगा। नौ दिन
तक मंदिर में रोज विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 25 सितंबर को
प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकलेगी। मोहल्ला राजीव गांधी नगर में 17 सितंबर
को प्रथम गणेश महोत्सव मनाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मोहल्ले के
गौरव
सिंह, राजीव दीक्षित, राहुल दीक्षित, अमित सिंह, सोनू अग्निहोत्री और
संजय गौर का कहना है कि कानपुर से 6 फीट की भगवान गणेश की प्रतिमा 8 हजार
रुपये में मंगवाई गई है। मोहल्ले में अशोक पांडेय के घर के पास 17 सितंबर
को भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करेंगे। 27 सितंबर को विसर्जन यात्रा
निकाली जाएगी। गणेश महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
शुभ मुहुर्त में गणपति स्थापना फलदायी
आचार्य
प्रदीप नारायण शुक्ल ने बताया कि 17 सितंबर को सुबह 6.45 बजे भगवान गणेश
की प्रतिमा स्थापना का शुभ लग्न है। इस लग्न में भगवान गणेश की प्रतिमा
स्थापित करने से सुख एवं शांति की प्राप्ति होगी। आचार्य योगीराज दबे ने
बताया कि सुबह 6.45 बजे प्रतिमा स्थापना का विशेष शुभ मुहुर्त है। इसके बाद
सुबह 9 बजे तक स्थापना की जा सकती
है। विशेष मुहुर्त में प्रतिमा की
स्थापना करना अधिक फलदायी होगा। गणेश चतुर्थी पर चांदी और मोती दान करने से
मनोवांछित कामना पूर्ण होगी। इस बार शुभ नक्षत्र में गणेश चतुर्थी का पर्व
पड़ रहा है। इस बार गणेश चतुर्थी पर सुख एवं शांति के लिए की गई पूजा काफी
सार्थक सिद्घ होगी।
ऐसे करें पूजन
सबसे पहले भगवान गणेश
की प्रतिमा का दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल आदि से स्नान कराएं। प्रतिमा
के सामने दुर्वा घास चढ़ाकर विधि-विधान से पूजन कर मोदक का भोग लगाएं।
भगवान गणेश की आरती उतारकर प्रसाद का वितरण करें।
शहर में इन स्थानों पर होंगे खास आयोजन
नाला
मछरट्टा स्थित कांच वाला मंदिर, कटरा डौरूनाथ, राजीव गांधी नगर, खतराना
स्थित जगन्नी गुरु अखाड़ा के पास, मित्तूकूंचा, नया कोठापार्चा, बढ़पुर
मंदिर के सामने गली में, तलैया फजल इमाम, गंगा नगर कालोनी, बागकूंचा,
बजरिया
मंदिर, नाला स्मित सुमाल, पांडेश्वरनाथ मंदिर, छक्का नाजिर कूंचा,
नरकसा, बजरिया फील्ड और आवास विकास में खास आयोजन होंगे। इनके अलावा करीब
आधा सैकड़ा स्थानों पर भगवान गणेश का महोत्सव मनाया जाएगा।