जनतंत्र के महापर्व पर महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। बुजुर्ग हों या युवा, सभी मतदान केंद्रों पर पहुंचीं और देश एवं समाज के निर्माण की दिशा में अपना योगदान दिया। अपने हक का प्रयोग किया।
पहले मतदान फिर जलपान...के स्लोगन का पालन करते हुए महिलाओं की भीड़ सुबह से ही पोलिंग बूथ पर नजर आने लगी। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं घूंघट में थीं, मगर जोश उत्साह किसी से कम नहीं। लोकतंत्र में भ्रष्टाचार मिटाने व महिलाओं की सुरक्षा के लिए वोट की चोट की।
पूरे चुनाव में किसी भी बूथ पर महिलाओं की लाइन, पुरुषों की लाइन से कभी कम नहीं हुई। सुबह आठ बजे से ही कायमगंज, फर्रुखाबाद, अमृतपुर क्षेत्रों में ग्रामीण इलाकों में महिलाएं वोट देने के लिए लाइन में लगी दिखीं।