बहन दीपाली की शादी का कार्ड दिखाती सुप्रिया।
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1000, 500 नोट बंदी से ग्राहकों को समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। शहर से लेकर गांव तक के लोग परेशान हैं। ऐसा इसलिए भी है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में नई करेंसी न आने से ग्राहकों को उनका ही पैसा नहीं मिल पा रहा है। खाते में रुपये होने के बावजूद ग्राहक निकाल नहीं पा रहा है। अधिकांश बैंकों में कैश ही खत्म हो गया है। सिर्फ पैसे जमा ही किए जा रहे हैं। पेश है शहरी व ग्रामीण इलाकों की बैंकों की लाइव रपट:
कंपिल। बैंक आफ इंडिया से बहन की शादी के लिए रुपये निकालने आई सुप्रिया पुत्री विमलेश निवासी मांझगांव ने बताया कि सुबह 9 बजे से बहन दीपाली की शादी का कार्ड लेकर लाइन में लगी रही। दोपहर 2:30 बजे जब उसका नंबर आया तो रुपये नहीं दिए गए। बैंककर्मियों ने कह दिया कि रुपये खत्म हो गए।
उसने शाखा प्रबंधक से कहा तो उन्होंने एक-दो दिन में आने की बात कही। सुप्रिया का कहना था कि उसकी बहन दीपाली की बारात 9 दिसंबर को आनी है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक अभिलाष सक्सेना ने बताया कि 6.30 लाख रुपये मिले थे, जो खत्म हो गए। कैश की डिमांड भेजी गई है।
फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। 1000 और 500 के बंद हुए नोटों से बिजली का बिल जमा करने का गुरुवार को अंतिम मौका है। जो उपभोक्ता बिल की बकायेदारी का भुगतान नहीं करेंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए गए है।
इन नोटों से बिजली की बकायेदारी चुकाने का सरकार ने मौका दिया। इसकी समय सीमा 24 नंवबर को समाप्त हो रही है। एक्सईएन शहरी एसके शर्मा ने बताया कि बकायेदार उपभोक्ताओं को सूची तैयार कर ली गई है। उपभोक्ता 24 नवंबर को अपने बिलों का भुगतान पुराने नोट से कर दें।
देर शाम तक काउंटर खोले जाने की व्यवस्था की गई है। बिल जमा न करने पर आरसी जारी कराई जाएगी।