फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में हुए फर्जीवाड़ा की जांच रिपोर्ट निदेशक को भेज दी गई है। आलू ढोने वाले ट्रकों के नंबर जांच में कार व बाेलेरो के निकले। इससे अब सचिव व कर्मचारियों के साथ फर्म के खिलाफ भी कार्रवाई होना तय है।
सातनपुर आलू मंडी में द्वितीय प्रवेश पर्ची के नाम पर हुए फर्जीवाड़ा में राजस्व को चूना लगाकर लाखों रुपये के वारे-न्यारे किए गए। औरैया की फर्म आरके ट्रेडर्स के नाम से मऊ रानीमऊ मंडी की छह आर रसीद पर सातनपुर मंडी में ट्रक आए बिना ही द्वितीयक प्रवेश पर्ची काटी गईं। बताया जा रहा है कि एक लाख 40 हजार क्विंटल आलू की एक ही फर्म की द्वितीयक प्रवेश पर्ची काटी गईं। इसमें मंडी शुल्क तो मिला नहीं, लेकिन खेल के चलते 10 रुपये प्रति क्विंटल आलू की दर से सीधे वसूली कर ली गई। खास बात तो यह है कि आलू के ट्रकों के नंबरों की जांच की गई तो वह बोलेरो, कार, मिनी लोडर आदि छोटे वाहनों के निकले।
अमर उजाला ने खुलासा किया तो मंडी सभापति सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने शिकंजा कसा। जांच के लिए सचिव ने जब पत्रावली नहीं तो उन्होंने उपनिदेशक को सचिव के खिलाफ पत्र लिखकर भेज दिया। मामला शासन तक पहुंचा तो मंडी निदेशक अंजनी कुमार सिंह ने संज्ञान लेकर चार सदस्यी जांच कमेटी गठित कर दी। उपनिदेशक ने टीम के साथ 20 जून को मंडी आकर जांच की और अभिलेख कब्जे में लेकर कानपुर चले गए थे।
पता चला है कि औरैया की मंडी से काटी गई छह-आर रसीद से मिलान किया गया, तो बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा पाया गया। कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट निदेशक को भेज दी। प्रवेश पर्ची काटने वाले कर्मचारियों का कहना है कि सचिव के मौखिक आदेश पर बिना ट्रक आए ही द्वितीयक प्रवेश पर्ची काटी गई थी। मंडी निदेशक अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें ट्रकों के नंबर जांच में कार, बोलेरो आदि छोटे वाहनों के निकले। फर्जीवाड़े के मामले में सचिव व अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।